Budget 2025: निर्मला सीतारमण ने "डिलीवरी बॉय" के लिए किया बड़ा ऐलान, 1 करोड़ गिग वर्कर्स को मिलेगा लाभ
Budget 2025: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शनिवार को आम बजट पेश किया। जिसमें गिग वर्कर्स की सुरक्षा के उद्देश्य से एक विशेष योजना शुरू करने का ऐलान किया। ये योजना फ्रीलांसर, टैक्सी ड्राइवरों और फूड और होम डिलीवरी बॉय से जुड़ी हुई है।
वित्त मंत्री सीतारमण ने बताया ग्राहकों के घरों में डिलीवरी करने लोगों और फ्रीलांसर, टैक्सी ड्राइवरों का रजिस्ट्रेशन करवाया जाएगा। इसके साथ ही सरकार जल्द ही डिलीवरी बॉय के लिए बीमा पॉलिसी का ऐलान किया, जिसके तहत उन्हें सरकार की तरफ से बीमा कवर दिया जाएगा।

मोदी सरकार के इस ऐलान के बाद आंधी पानी- बारिश में अपनी जान जोखिम में डालकर लोगों के घरों में सामान डिलीवर करने वाले डिलीवरी पर्सन को बड़ी राहत मिली है।
बता दें देश भर में लगभग 1 करोड़ गिग वर्कस हैं जिसका इन्हें फायदा मिलेगा। केंद्र सरकार ने ये फैसला फूड और अन्य सामान डिलीवरी करने वाले डिलीवरी पर्सन और फ्रीलांसर, टैक्सी ड्राइवरों की सामाजिक सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए निर्णय लिया है।
सरकार देगी बीमा कवर
सरकार ने ये भी ऐलान किया कि गिग और ऑनलाइन प्लेटफ़ॉर्म कर्मचारी प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (पीएमजेएवाई) के माध्यम से स्वास्थ्य बीमा के हकदार होंगे, इसके अलावा उन्हें पहचान पत्र और ई-श्रम पोर्टल पर पंजीकरण किया जाएगा। इससे लगभग 1 करोड़ गिग श्रमिकों को सीधे लाभ मिलने की उम्मीद है।
डिलीवरी बॉय को क्या कंपनी नहीं देती हैं बीमा कवर?
गौतरलब है कि ग्राहकों के आर्डर करते ही दस मिनट में घर तक सामान पहुंचा कर आपकी जरूरतों को पूरा करने वाले डिलीवरी बॉय के लिए ये बड़ी राहत है, क्योंकि अभी तक समान डिलीवरी करते जाते समय अगर कोई दुर्घटना हो जाती है तो इन्हें सरकार की ओर से कोई बीमा कवर नहीं दिया जाता था।
हालांकि डिलीवरी ब्वॉय को ऑनलाइन ग्रोसरी समेत अन्य डिलवरी कंपनियां इंश्योरेंस का ऑप्शन देती है। अगर वो अपना इंश्योरेंस करवाना चाहते हैं तो वो करवा तो सकते हैं लेकिन डिलीवरी बॉय को इसके लिए उन्हें कंपनी को निर्धारित अमाउंट जमा करना पड़ता है। कई कंपनियां एक बार में 1500 रुपये लेती है। अगर कर्मचारी अपना इंश्यारेंसे करवाता है तो उसके साथ कोई दुर्घटना होने पर कंपनी उसका इलाज का खर्च करवाती है।












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