Get Updates
Get notified of breaking news, exclusive insights, and must-see stories!

बजट 2019: केंद्रीय बजट की तरह ही हर साल जारी होता है राज्य का बजट, जानिए क्या है अंतर?

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूसरे कार्यकाल का पहला बजट आज संसद में पेश किया गया। इस बार बजट का नाम बदलकर बहीखाता रख दिया गया है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट पेश किया। बजट को संसद में पेश करते हुए सीतारमण ने कहा के एक मजबूत देश के लिए मजबूत नागरिक जरूरी है। सरकार हर नागरिक तक पहुंचने की कोशिश कर रही है। बजट पेश किए जाने के दौरान कई तरह की घोषणाएं की गईं। केंद्र सरकार की तरह राज्य की सरकारें भी हर साल अपना बजट जारी करती हैं। यहां हम आपको बता रहे हैं कि दोनों तरह के बजट कैसे एक दूसरे से भिन्न होते हैं।

केंद्रीय बजट

केंद्रीय बजट

केंद्र के बजट की बात करें तो इसमें देशभर के अलग अलग स्त्रोतों से आने वाले पैसे और उसके खर्च की योजना विस्तार में होती है। केंद्र सरकार के तहत आने वाली सेवाओं जैसे रेलवे, उड्डयन, केंद्रीय विश्वविद्यालय, केंद्रीय अस्पताल इत्यादि को लेकर केंद्रीय बजट में घोषणाएं की जाती हैं। देशभर में टैक्स की दरें क्या हों? धातुओं के शुल्क पर कितना टैक्स हो? बिना टीडीएस कटे बैंकों से कितनी राशि का निकास संभव हो? देश का क्रेडिट ग्रोथ, समाज के अलग अलग वर्गों के लिए स्कीम जैसी चीजें इसमें शामिल होते हैं। कुल मिलाकर देश के आर्थिक सुधारों पर इसमें जोर रहता है।

राज्य का बजट

राज्य का बजट

केंद्रीय बजट से इतर राज्य की सरकारों का बजट भी हर साल विधानसभा में पेश होता है। राज्य सरकार के बजट में अधिकतर सड़कों के निर्माण, रखरखाव व परिवहन जैसी चाजें शामिल होती हैं। इसी तरह शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली, भूमि विकास के अलावा राज्य की सिंचाई सुविधाएं आदि भी इस बजट में शामिल होते हैं। बता दें कि जीएसटी लागू होने के बाद से इनडायरेक्ट टैक्स अब राज्य सरकार तय नहीं करती। हालांकि सीमाक्षेत्रों को लेकर इसमें कई बार क्लैश हो जाता है। राज्य सरकारें आबकारी व निगम जैसे टैक्सों को तय करती है।

केंद्रीय बजट 2019 की बड़ी घोषणाएं

केंद्रीय बजट 2019 की बड़ी घोषणाएं

-5 लाख रुपये तक की सालाना आय वालों को किसी भी टैक्स का भुगतान करने की आवश्यकता नहीं। टैक्स स्लैब में कोई बदलाव नहीं होगा।

-पेट्रोल-डीजल पर एक्साइज ड्यूटी 1 रु बढ़ाई गई।
- 2 से 5 करोड़ आय वालों पर 3 फीसदी अतिरिक्त सरचार्ज, 5 करोड़ से ऊपर आय वालों पर 7 फीसदी अतिरिक्त सरचार्ज लगेगा।
-लोन के ब्याज पर 1.5 लाख तक की छूट, इलेक्ट्रिक कारों पर 5 फीसदी जीएसटी, ई-वाहनों पर GST को 12 फीसदी से घटाकर 5 फीसदी किया जाएगा।
-सोने पर शुल्क बढ़ाकर 10 फीसदी टैक्स से बढ़ाकर 12.5 फीसदी किया गया।

यह भी पढ़ें- Budget 2019: बजट पढ़ते हुए पहली बार सीतारमण की किस बात पर बजीं सदन में तालियां

More From
Prev
Next
Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+