महागठबंधन: जानिए किस सीट से चुनाव लड़ेंगी बसपा प्रमुख मायावती?
नई दिल्ली। बहुजन समाजवादी पार्टी की प्रमुख मायावती नगीना से लोकसभा चुनाव लड़ सकती हैं। इस आरक्षित सीट से वे सपा और बसपा गठबंधन की उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ेंगी। बता दें कि कुल चार बार उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री रह चुकीं मायावती ने साल 2017 के 18 जुलाई के राज्यसभा से इस्तीफा दे दिया था। फिलहाल मायावती न तो किसी सदन की सदस्य हैं और न ही उनकी पार्टी का कोई सदस्य लोकसभा में है। शनिवार को एक संयुक्त प्रेस कांफ्रेस के जरिए सपा और बसपा ने गठबंधन कर लिया है। ऐसा पहले ही कहा जा रहा था कि इस गठबंधन के बाद मायावती भी लोकसभा चुनाव लड़ सकती है। और अब उनके नगीना से चुनाव लड़ने की खबर ने सब साफ भी कर दिया है।

मायावती के लिए लगभग सुरक्षित है नगीना की सीट
गौरतलब है कि मायावती ने पहली बार साल 1989 में बिजनौर से लोकसभा चुनाव लड़ा था। वे राज्यसभा सांसद भी बनीं और अकबरपुर संसदीय क्षेत्र से भी चुनी गईं। वे उत्तर प्रदेश विधानसभा और विधानपरिषद की सदस्य भी रहीं। अब अकबरपुर और बिजनौर की आरक्षित न होने कारण वे नगीना से चुनाव लड़ने को तैयार हैं। जानकारी के अनुसार बिजनौर लोकसभा चुनाव क्षेत्र का 60 प्रतिशत अब नगीना चुनाव क्षेत्र का हिस्सा है। ऐसे में पुराने नतीजों को देखते हुए मायावती के लिए ये सीट सुरक्षित मानी जा रही है।

2014 में ऐसे थे नगीना सीट के नतीजे
नगीना में कुल 15 लाख मतदाता हैं जिनमें 4 लाख मुस्लिम, दलित और जाटव मतदाता है। साल 2014 के लोकसभा चुनावों में यहां भाजापा के यशवंत सिंह को 39 प्रतिशत वोट मिले थे, सपा के उम्मीदवार को 29 प्रतिशत जबकि 26 प्रतिशत वोट के साथ बसपा तीसरे स्थान पर थी।

नगीना सीट पर सपा का भी दावा
2014 में नगीना में बसपा से अधिक वोट पाने वाली सपा इस सीट पर दावा कर रही है लेकिन गठबंधन के चलते मुमकिन है कि वह ये सीट मायावती को दे दे और बदले में हाथरस की सीट रख है। बता दें कि 2014 में हाथरस सीट पर बसपा उम्मीदवार को 20.77 प्रतिशत वोट मिले थे जबकि सपा को महज 17 प्रतिशत वोट मिले थे। यहां भाजपा ने 51.87 प्रतिशत वोट के साथ जीत दर्ज की थी।












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