बीएसपी सुप्रीमो मायावती ने बताया, कांग्रेस को महागठबंधन में क्यों नहीं रखा
लखनऊ। आगामी लोकसभा चुनाव को लेकर समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी के बीच महागठबंधन का आधिकारिक ऐलान हो गया है। बीएसपी की अध्यक्ष मायावती और सपा मुखिया अखिलेश यादव ने साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस में महागठबंधन का ऐलान किया। इस दौरान मायावती ने बताया कि आखिर उन्होंने कांग्रेस पार्टी को महागठबंधन में शामिल क्यों नहीं किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी से गठबंधन का जमीन पर फायदा नहीं मिलता है। अगर उनके लिए सीटें छोड़ी जाती हैं तो इसका सीधा लाभ पार्टी को नहीं मिलता, जबकि इसका फायदा बीजेपी उठा ले जाती है। इतना ही नहीं बीएसपी सुप्रीमो ने केंद्र और राज्य में कांग्रेस और बीजेपी को बराबर ही बताया है।

मायावती ने कांग्रेस और बीजेपी को बराबर बताया
साझा प्रेस कॉन्फ्रेस के दौरान बीएसपी मुखिया मायावती ने कहा कि दोनों ही पार्टियों की सरकार में रक्षा सौदों में घपलेबाजी हुई है। कांग्रेस पार्टी को बोफोर्स घोटाले की वजह से केंद्र की सत्ता गंवानी पड़ी है, इसी तरह से अब बीजेपी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार को भी बोफोर्स घोटाले की वजह से अपनी सत्ता आगामी चुनाव में गंवानी पड़ेगी। कांग्रेस पार्टी के राज में घोषित इमरजेंसी लगी हुई थी और बीजेपी के राज में अघोषित इमरजेंसी लगी हुई है। दोनों ही सरकारों में इमरजेंसी जैसे हालात हैं।

कांग्रेसके साथ सपा-बसपा गठबंधन को फायदा नहीं: मायावती
कांग्रेस को गठबंधन में शामिल नहीं करने को लेकर मायावती ने कहा कि कांग्रेस पार्टी के साथ सपा-बसपा गठबंधन को फायदा नहीं है। ऐसा इसलिए क्योंकि कांग्रेस के साथ गठबंधन से उनकी पार्टी का वोट पूरी तरह से सपोर्ट में नहीं आ पाता है और उनकी जगह ये बीजेपी के पास चला जाता है। इनके लिए सीटें छोड़नी पड़ती है उसका फायदा कहीं न कहीं बीजेपी को चला जाता है। उन्होंने इसके लिए 2017 यूपी विधानसभा और 1996 में हुए चुनाव का जिक्र भी किया। दोनों ही चुनावों में कांग्रेस से गठबंधन हुआ था, जिसके नतीजे सभी के सामने हैं।

बीएसपी सुप्रीमो का ऐलान- पूरे देश में कांग्रेस से गठबंधन नहीं होगा
मायावती ने कहा कि कांग्रेस और बीजेपी की सरकार में ज्यादा अंतर नहीं रहा है। कांग्रेस पार्टी आजादी के बाद से कई साल तक केंद्र की सत्ता में काबिज रही। वहीं बीजेपी की सरकार में लोगों को ज्यादा फायदा नहीं मिला। कांग्रेस के राज में भी लोगों को परेशानी हुई। कांग्रेस या फिर बीजेपी को सत्ता एक ही बात है। इस दौरान मायावती ने बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि पूरे देश में कांग्रेस से गठबंधन नहीं होगा।

कितनी सीटों पर लड़ेगी सपा-बसपा, मायावती ने दी जानकारी
बीएसपी सुप्रीमो मायावती ने इस दौरान महागठबंधन का सीट शेयरिंग फॉर्मूला भी बता दिया। उन्होंने कहा आगामी लोकसभा चुनाव में यूपी की 80 लोकसभा सीटों में से बीएसपी 38 सीटों पर चुनाव लड़ेगी, वहीं समाजवादी पार्टी भी प्रदेश में 38 सीटों पर उम्मीदवारी करेगी। इसके अलावा दो सीटें सहयोगी दलों के लिए और दो अन्य सीटें कांग्रेस पार्टी के लिए बिना कांग्रेस के साथ गठबंधन के लिए छोड़ी गई है। मायावती ने कहा कि अमेठी और रायबरेली की लोकसभा सीट कांग्रेस के साथ गठबंधन किए बिना ही पार्टी के लिए छोड़ दी हैं, जिससे बीजेपी के लोग कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष को यहीं उलझा कर नहीं रख सकें।












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