2019 से पहले बड़े उलटफेर के मूड में मायावती, अब इस प्रदेश में किया टिकटों का ऐलान

छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश के बाद अब बसपा सुप्रीमो मायावती ने राजस्थान विधानसभा चुनावों में अपनी पार्टी के उम्मीदवारों का ऐलान कर दिया है।

नई दिल्ली। 2019 के लोकसभा चुनाव से पहले मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान के विधानसभा चुनावों को सत्ता के सेमीफानइल के तौर पर देखा जा रहा है। इन तीनों ही राज्यों में भाजपा की सरकार है और अपनी सत्ता बरकरार रखने के लिए पार्टी पूरे जोर-शोर से चुनाव प्रचार में जुटी है। वहीं कांग्रेस भी इन राज्यों में वापसी के लिए पूरे जोर लगा रही है। इन सबके बीच बहुजन समाज पार्टी की मौजूदगी से काफी हद तक तीनों राज्यों के चुनावी समीकरण बदल गए हैं। छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश के बाद अब बसपा सुप्रीमो मायावती ने राजस्थान विधानसभा चुनावों में अपनी पार्टी के 11 उम्मीदवारों का ऐलान कर दिया है।

जानिए किस-किसको मिला टिकट

जानिए किस-किसको मिला टिकट

राजस्थान के बसपा प्रदेश अध्यक्ष सीताराम मेघवाल की ओर से फिलहाल 11 सीटों पर उम्मीदवारों का ऐलान किया गया है। जारी सूची के मुताबिक भरतपुर जिले की डीग-कुम्हेर सीट से प्रतापसिंह मेहरावर, नदबई सीट से जोगेंद्र सिंह अवाना, नगर सीट से वाजिब अली, वैर (आरक्षित) सीट से अतर सिंह पगारिया, दौसा जिले की बांदीकुई सीट से भागचंद्र सैनी, सिकराय (आरक्षित) सीट से फैलीराम बैरवा, टोंक जिले की मालपुरा सीट से नरेंद्र सिंह आमली, टोंक विधानसभा सीट से मोहम्मद अली, करौली जिले की करौली विधानसभा सीट से लाखन सिंह मीना, सपोटरा (आरक्षित) सीट से इंजीनियर हंसराज मीना और सवाई माधोपुर जिले की सवाई माधोपुर सीट से हंसराज मीना को उम्मीदवार बनाया गया है।

भाजपा-कांग्रेस के बाद बसपा तीसरी बड़ी पार्टी

भाजपा-कांग्रेस के बाद बसपा तीसरी बड़ी पार्टी

मायावती ने राजस्थान में भी उम्मीदवारों का ऐलान करते हुए अपनी पुरानी रणनीति सोशल इंजीनियरिंग का पूरा ध्यान रखा है। इन 11 सीटों में से तीन सीटें- दो अनुसूचित जाति और एक सीट अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित हैं। राजस्थान के जिन जिलों की सीटों पर बसपा उम्मीदवारों का ऐलान किया गया है, पार्टी वहां खुद को काफी मजबूत स्थिति में मान रही है। आपको बता दें कि 200 विधानसभा सीटों वाले राजस्थान में बसपा 1990 से विधानसभा चुनाव लड़ रही है। बसपा ने 1998 के विधानसभा चुनाव में यहां दो सीटें जीती थीं। 1998 में पार्टी ने 108 सीटों पर उम्मीदवार खड़े किए थे, जिसमें 2.17 फीसदी वोट शेयर मिले थे। राजस्थान में भाजपा और कांग्रेस के बाद बसपा ही तीसरी सबसे बड़ी पार्टी है।

मध्य प्रदेश में साथ लड़ सकते हैं अखिलेश-मायावती

मध्य प्रदेश में साथ लड़ सकते हैं अखिलेश-मायावती

गौरतलब है कि बसपा सुप्रीमो मायावती ने पिछले दिनों ही राजस्थान की सभी 200 सीटों पर उम्मीदवार उतारने का ऐलान किया था। माना जा रहा है कि राजस्थान में सभी सीटों पर उम्मीदवार उतारने के बसपा के फैसले का असर कांग्रेस पर पड़ सकता है। इससे पहले मायावती छत्तीसगढ़ में अजीत जोगी की पार्टी के साथ गठबंधन कर और मध्य प्रदेश में अकेले ही चुनाव लड़ने के फैसले के तहत उम्मीदवारों का ऐलान कर चुकी हैं। हालांकि चर्चा है कि मध्य प्रदेश में अखिलेश यादव और मायावती मिलकर चुनाव मैदान में उतर सकते हैं। दोनों के बीच उत्तर प्रदेश में गठबंधन कर 2019 के लोकसभा चुनाव में उतरने पर पहले ही सहमति बन चुकी है।

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