BSF जवान के आरोपों पर अधिकारी बोले, शराबी और अनुशासनहीन है
बीएसएफ जवान के सोशल मीडिया पर वीडियो पर अधिकारियों ने दी सफाई, बोले जवान के खिलाफ कई शिकायते हैं, इस वीडियो के पीछे की मंशा पर उठाए सवाल
नई दिल्ली। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे बीएसएफ जवान के वीडियो पर आखिरकार बीएसएफ के डीआईजी ने चुप्पी तोड़ी है और उन्होंने इस वीडियो पर टिप्पणी करते हुए जवान पर ही आरोपों की झड़ी लगा दी है। बीएसएफ के डीआईजी एमडीएस मान ने कहा कि कथित जवान जिसने वीडियो साझा किया है उसके खिलाफ चार गलत एंट्री हैं जिसके चलते उसका प्रमोशन नहीं हुआ है, लिहाजा इसी निराशा के चलते उसने यह वीडियो जारी किया है।

एमडीएस मान ने कहा कि अगर जवान के आरोपों में सत्यता पाई गई तो आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। बीएसएफ ने अपने बयान में कहा कि जवान नशे का आदि है और लगातार नियमों को तोड़ता है। आपको बता दें कि सोशल मीडिया पर बीएसएफ जवान तेज बहादुर ने चार वीडियो साझा करते हुए खाने की शिकायत की थी और अपनी जान को खतरा भी बताया था। जवान ने आरोप लगाया था कि उन्हें खाना बहुत की खराब गुणवत्ता का दिया जाता है और उन्हें विषम परिस्थितियों में ड्यूटी करनी पड़ती है। जवान के वीडियो के वायरल होने के कुछ घंटों बाद ही बीएसएफ की ओर से एक बयान जारी किया गया जिसमें कहा गया कि तेज बहादुर यादव का बर्ताव अच्छा नहीं है और पहले का उसका रिकॉर्ड बहुत खराब है, नौकरी की शुरुआत से ही उसके बर्ताव को लेकर शिकायत आती रही है और उसे काउंसलिंग की जरूरत है।
वहीं इस पूरे वाकये पर बीएसएफ के आईजी डीके उपाध्याय ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी और कहा कि यह मामला काफी संवेदनशील है, हम इसकी जांच करेंगे और उसी के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि खाने का स्वाद अच्छा नहीं था इस बात को मैं स्वीकार करता हूं, लेकिन आज तक किसी भी तरह की शिकायत जवानों की तरफ से नहीं मिली है। सर्दियों में डिब्बे में बंद होकर खाना पहुंचाया जाता है जिसकी वजह से उसका स्वाद अच्छा नहीं होता है लेकिन जवानों की तरफ से इसकी कभी शिकायत नहीं की गई।
इसे भी पढ़ें-जवान तेज बहादुर यादव के वीडियो पर BSF ने दिया बयान, कहा- वो पहले से ही करता रहा है नियमों का उल्लंघन
आईजी ने कहा कि आरोपो पर मैं कोई टिप्पणी नहीं कर सकता हूं लेकिन इस मामले में जांच के आदेश दे दिए गए हैं, अगर किसी भी तरह की खामी पाई गई तो सख्त कार्रवाई की जाएगी। जवान तेज बहादुर के बारे में आईजी ने कहा कि कई बार अनुशासन तोड़ने की वजह से उसके खिलाफ कार्रवाई हो चुकी है, 2010 में उसका कोर्ट मार्शल होने वाला था, लेकिन उसेक परिवार को देखते हुए ऐसा नहीं किया गया। डीआईजी स्तर के अधिकारियों ने बीएसएफ कैंप का दौरा किया था लेकिन इस तरह की शिकायत नहीं मिली थी।
बीएसएफ के आईजी ने कहा कि जवान को दूसरे कैंप में स्थानांतरित किया जाएगा ताकि उसपर किसी भी तरह का दबाव ना डाला जाए और सही तरीके से मामले की जांच हो सके। उन्होंने कहा कि जब पिछली बार अधिकारियों ने कैंप का दौरा किया था तो यादव समेत किसी ने भी किसी तरह की शिकायत नहीं की थी, मुमकिन है कि इस वीडियो को जारी करने के पीछे की मंशा कुछ और हो। इसके साथ ही इस बात की भी जांच होगी कि वह ड्युटी के दौरान मोबाइल फोन क्यो इस्तेमाल कर रहा था, नियमों के अनुसार यह गैरकानूनी है।












Click it and Unblock the Notifications