BSF जवानों के सोशल मीडिया इस्तेमाल पर पैनी नजर, दिए गए खास निर्देश
नई दिल्ली। पिछले हफ्ते उत्तर प्रदेश पुलिस ने बीएसएफ के एक जवान गिरफ्तार किया था, जिसपर आरोप था कि उसने पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई के साथ कुछ संवेदनशील जानकारी साझा की थी, इसके बाद से बीएसएफ अपने जवानों को लेकर और सतर्क हो गया है। यही नहीं सोशल मीडिया पर अपने जवानों पर बीएसएफ नजर रख रहा है, साथ ही उन्हें इस बाबत खास निर्देश दिए गए हैं, ताकि दोबारा फिर से कोई जवान इस तरह की गतिविधि में शामिल ना होने पाए।

संदिग्ध फ्रैंड रिक्वेस्ट
आपको बता दें कि पाकिस्तान की खुफिया आईएसआई एजेंट ने खुद को डिफेंस जर्नलिस्ट के तौर पर बीएसएफ के जवान को रुबरू कराया था, जिसके जाल में फंसकर जवान ने यह जानकारी उसके साथ साझा की थी। जानकारी के अनुसार बीएसएफ कॉस्टेबल अच्युतानंद मिश्रा को फेसबुक पर महिला ने फ्रैंड रिक्वेस्ट भेजी थी, जिसे अच्युतानंद ने स्वीकार कर लिया था और बाद में दोनों दोस्त बन गए और बातचीत शुरू हो गई।

व्हाट्सएफ के मैसेज ने जवान के होश उड़ाए
पुलिस ने बताया कि महिला पर अपनी धाक जमाने के लिए जवान ने अपनी सर्विस रायफल के साथ साथ तस्वीर साझा की थी। महिला के साथ जवान ने मैसेंजर पर तकरीबन एक साल तक बात की, जिसके बाद दिसंबर 2016 में महिला ने जवान का व्हाट्सएप नंबर मांगा, जिसमे महिाल के फोन नंबर के पहले दो अंक +92 थे। जिसके बाद जवान को लगा कि वह मुश्किल में है। 92 पाकिस्तान का आईएसडी कोड है, उसने इस नंबर को पाकिस्तान के दोस्त के नाम से फोन में सेव कर लिया था।
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आईएसआई एजेंट महिला ने दी धमकी
महिला ने कॉस्टेबल को धमकी दी कि अगर उसने अपनी यूनिट की जानकारी समय-समय पर नहीं दी तो वह आईबी को बता देगी और उसकी तस्वीर व चैट आदि को साझा कर देगी। इस बारे में मिश्रा ने अपने वरिष्ठ अधिकारी को बताने की बजाए जानकारी को देना जारी रखा, जिसके बाद पुलिस ने 20 सितंबर को उसे गिरफ्तार कर लिया था। मिश्रा जोकि त्रिपुरा में तैनात था, उसने अपनी कंपनी कमांडर का एक वीडियो साझा किया था, जिसमे वह एक ऑपरेशन के बारे में जानकारी दे रहे थे।

सबूत मिटाए
बाद में मिश्रा को एक वरिष्ठ अधिकारी के साथ अटैच कर दिया जिन्हें मेडिकल सुविधा की जरूरत थी, जिसकी वजह से मिश्रा अक्सर नई दिल्ली के आरके पुरम स्थित बीएसएफ के अस्पताल में जाता था। अधिकारियों ने बताया कि मिश्रा ने अपनी चैट हिस्ट्री को डीलीट कर दिया था, उसने फेसबुक और फोन से तमाम सबूत मिटा दिए। मिश्रा को मिलिट्री इंटेलिजेंस की जानकारी के आधार पर यूपी पुलिस ने गिरफ्तार किया था। मिश्रा की गिरफ्तारी के बाद बीएसएफ ने अपनी यूनिट के जवानों की ऑनलाइन जांच-पड़ताल को बढ़ा दिया है, साथ ही निर्देश दिया गया है कि अगर कोई भी संदिग्ध फ्रैंड रिक्वेस्ट आती है तो इसकी जानकारी दें।
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