सीमा विवाद: इस साल रिकॉर्ड तोड़ेगी BRO, भारी बर्फबारी के बीच मनाली-लेह हाईवे को खोलने का काम शुरू
शिमला: पिछले साल मई में भारत का चीन के साथ लद्दाख में सीमा विवाद हुआ। इसके बाद से एलएसी पर हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं। नवंबर-दिसंबर में बर्फबारी के बाद लद्दाख तक पहुंचने के सभी सड़क मार्ग बंद हो जाते हैं। इसके बाद अप्रैल-मई में उनके खुलने का सिलसिला शुरू होता है, लेकिन इस बार सीमा विवाद को देखते हुए सीमा सड़क संगठन यानी बीआरओ ने अपनी रणनीति में बदलाव किया है। जिसके तहत तय वक्त से पहले लेह-मनाली हाईवे को खोलने का काम शुरू हो गया। इससे पहले बीआरओ ने कारगिल-लेह हाईवे को भी तय वक्त से पहले फरवरी में ही खोल दिया था।

बीआरओ के मुताबिक हिमाचल के लाहौल में 16,043 फीट की ऊंचाई पर स्थित बारालाचला पास लेह को जोड़ता है। वैसे तो इसको खोलने की प्रक्रिया अप्रैल में शुरू होती है, लेकिन इस बार बीआरओ ने समय से पहले इसको खोलने का फैसला किया है, जो इतिहास में पहली बार हो रहा। पहले बीआरओ ने अपनी टीम को हेलीकॉप्टर के जरिए इलाके में भेजने का प्लान बनाया था, लेकिन खराब मौसम की वजह से ऐसा नहीं हो सका। इसके बाद टीम ने पैदल 20 किमी चलकर सर्चू पहुंचने की कोशिश शुरू की।
अधिकारियों ने बताया कि 11 मार्च को एक जूनियर इंजीनियर और 5 सदस्यों ने साजोसामान के साथ बारालाचला पार करने की तैयारी की, लेकिन बर्फबारी की वजह से वो कामयाब नहीं हुए। फिर 12 तारीख को उन्हें वापस लौटना पड़ा, लेकिन ये सफेद बर्फ बीआरओ का इरादा तोड़ नहीं सकती थी, जिस वजह से भारी बर्फबारी के बावजूद टीम ने 13 तारीख को बारालाचला पास को पार कर लिया। इसके बाद सर्चू से 7 किलोमीटर पहले बर्फ के बीच रात काटी। आखिरकार तमाम मुश्किलों को पार करते हुए बीआरओ की टीम 14 तारीख को सर्चू पहुंच गई और रास्ता खोलने का काम शुरू किया।












Click it and Unblock the Notifications