BluSmart पर संकट, को-फाउंडर Puneet Jaggi ED की हिरासत में, क्या है पूरा मामला?
BluSmart co-founder Puneet Jaggi: प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने गुरुवार, 24 अप्रैल को BluSmart Mobility के सह-संस्थापक पुनीत जग्गी को दिल्ली के एक होटल से हिरासत में लिया। यह कार्रवाई Gensol Engineering Ltd से जुड़ी वित्तीय अनियमितताओं के मामले में की गई, जिसकी जानकारी समाचार एजेंसी PTI ने आधिकारिक सूत्रों के हवाले से दी है।
ED, Gensol के प्रवर्तक अनमोल सिंह जग्गी और पुनीत सिंह जग्गी की जांच कर रही है। इससे पहले SEBI (भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड) ने एक रिपोर्ट में कंपनी पर वित्तीय गड़बड़ियों, कॉर्पोरेट कुप्रबंधन और फंड के दुरुपयोग का आरोप लगाया था।

BluSmart के सभी बुकिंग पर रोक
प्रवर्तन निदेशालय ने फॉरेन एक्सचेंज मैनेजमेंट एक्ट (FEMA) के तहत दिल्ली, गुरुग्राम और अहमदाबाद स्थित कंपनी के कार्यालयों पर छापेमारी की। इस पूरे मामले के बाद BluSmart Mobility, जो दिल्ली-एनसीआर, बेंगलुरु और मुंबई में इलेक्ट्रिक टैक्सियों का संचालन करती है, ने SEBI रिपोर्ट के बाद अस्थायी रूप से अपनी बुकिंग सेवाएं रोक दी हैं।
SEBI ने दोनों भाइयों को प्रतिभूति बाजार में भाग लेने से भी रोक दिया है। सूत्रों के मुताबिक, अनमोल जग्गी वर्तमान में दुबई में हैं, जबकि दोनों की पत्नियाँ पुणे में स्थित हैं। ED ने गुरुग्राम के DLF कैमेलियास और अहमदाबाद स्थित कुछ ठिकानों पर भी छापेमारी की है।
BluSmart co-founder पर क्या हैं आरोप?
SEBI की रिपोर्ट के अनुसार, Gensol Engineering ने PFC और IREDA से इलेक्ट्रिक वाहनों की खरीद और EPC परियोजनाओं के लिए ऋण लिया था, लेकिन इन फंड्स का इस्तेमाल निजी संपत्तियों की खरीद, लक्ज़री सामानों पर खर्च, और परिवारजनों के खातों में ट्रांसफर करने जैसे निजी कार्यों में किया गया।
इसके अलावा, ED की जांच में यह भी सामने आया है कि Gensol समूह ने दुबई और अमेरिका सहित कई देशों में शेल कंपनियाँ बना रखी हैं। गो ऑटो प्राइवेट लिमिटेड के अजय अग्रवाल पर भी फंड डायवर्जन में सहयोग देने का आरोप है।
BluSmart co-founder पर SEBI की सख्त टिप्पणी
SEBI का कहना है कि Gensol के प्रमोटर्स ने कंपनी को अपनी निजी संपत्ति की तरह चलाया और शेयरधारकों के हितों की पूरी तरह से अनदेखी की। कंपनी के खातों में इन गबन की गई रकम को अंततः लॉस के रूप में दर्ज करना पड़ेगा, जिससे निवेशकों को भारी नुकसान हो सकता है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक ED अब Gensol पर मनी लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज करने की तैयारी में है, जो दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (EOW) द्वारा IREDA और PFC की शिकायत के आधार पर FIR दर्ज होने के बाद किया जाएगा। बता दें कि Gensol Engineering BSE और NSE पर सूचीबद्ध कंपनी है, जो सौर ऊर्जा परामर्श, EPC सेवाएं और इलेक्ट्रिक वाहन लीजिंग जैसे कार्य करती है।












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