इंडियन आर्मी के पास है उंगली जितना बेमिसाल हेलीकॉप्टर, कीमत इतनी कि आ जाए 2 सीटर प्लेन
नई दिल्ली, 26 अगस्त: तकनीक के विकास के साथ युद्ध के तरीकों में बड़ा बदलाव आया है। युद्धों में अब सेनाएं ड्रोन और यूएवी का जमकर इस्तेमाल कर रही हैं। जहां सेना दुश्मन का पता लगाने के लिए नैनो ड्रोन का उपयोग करती हैं। वहीं दुश्मनों के खत्म करने के लिए यूएवी ड्रोन का इस्तेमाल किया जाता है। लेकिन एक मुट्ठी में समा जाने वाले छोटे से ड्रोन में दुनिया में तहलका मचा रखा है।

भारतीय सेना भी इस ड्रोन का उपयोग अपने मिशन में करती है
हेलीकॉप्टर जैसा दिखने वाला ये छोटा सा ड्रोन आपकी मुट्ठी और जेब में समा सकता है। लेकिन इसकी कीमत सुनकर लोगों के होश उड़ जाते हैं। इसकी कीमत में बड़े आकार की हेलीकॉप्टर खरीदा जा सकता है। इस ड्रोन का नाम है ब्लैक हॉर्नेट है। इस बेमिसाल ड्रोन का उपयोग अमेरिकी आर्मी अफगानिस्तान समेत कई युद्धों में कर चुकी है। भारतीय सेना भी इस ड्रोन का उपयोग अपने मिशन में करती रही है।

कीमत सुनकर उड़ जाएंगे होश
इस नैनो हेलीकॉप्टर की कीमत 2 लाख डॉलर यानि 1.6 करोड़ रुपए हैं। इतनी कीमत में लोग सवारी करने वाला बड़ा चॉपर खरीद लेते हैं। इस ड्रोन को अमेरिका, नॉर्वे, फ्रांस, इंडिया, यूनाइटेड किंगडम, जर्मनी, ऑस्ट्रेलिया, तुर्की जैसे देशों में भी इस्तेमाल किया जाता है। तमाम देशों द्वारा इसके इस्तेमाल को देखते हुए अब इसका इस्तेमाल पॉलैंड, न्यूज़ीलैंड, साउथ अफ्रीका और अल्जीरिया की सेना भी कर रही है।

रूस के खिलाफ जंग में उतरेगा ये बेमिसाल मशीन
हाल ही में ब्रिटेन ने इस नैनो हेलीकॉप्टर को यूक्रेन को दिया है। नॉर्वे के रक्षा मंत्री ने 24 अगस्त को घोषणा की कि नॉर्वे और ब्रिटेन रूस के खिलाफ युद्ध में मदद करने के लिए यूक्रेन को माइक्रो ड्रोन की आपूर्ति करने का काम करेंगे। रॉयटर्स के मुताबिक मंत्रालय यूक्रेन को 90 मिलियन नॉर्वेजियन क्राउन (9.26 मिलियन डॉलर) के ड्रोन की आपूर्ति करेगी। ब्लैक हॉर्नेट ड्रोन का उपयोग लक्ष्य की पहचान और टोही के लिए किया जाता है।

होश उड़ा देने वाले फीचर्स
ब्लैक हॉर्नेट ड्रोन का साइज 4 इंच होता है। कॉम्बेट ऑपरेशन के दौरान सेनाएं इस ड्रोन का उपयोग उस इलाके की टोह लेने और बिल्डिंग के अंदर की स्थिति पता लगाने के लिए करती है। 18 ग्राम वजनी ये ड्रोन आराम में मुट्ठी में रखा जा सकता है। इसमें अत्याधुनिक इलेक्ट्रो-ऑप्टिकल (ईओ) और इन्फ्रारेड तकनीक भी है। जो जमीन और आसमान लक्ष्यों को सेंसर की मदद से पहचान सकती है।

नाइट में भी एचडी वीडियो भेजता है ये ड्रोन
उंगली के आकार के इस ड्रोन को पावर उसके अंदर लगी हाई क्वालिटी लीथियम बैटरी से मिलती हैं। ड्रोन में एक कैमरा भी होता है।जो एचडी तस्वीरें और वीडियो उपलब्ध कराने में सक्षम है। इसके कैमरे नाइट विजन होते हैं। ये गहरे अंधेरे में भी सेना को तस्वीरें भेजता रहता है। किसी भी सैनिक को 30 मिनट से कम समय में इसे चलाने के लिए प्रशिक्षित किया जा सकता है।

इस देश ने बनाया है ये खतरनाक ड्रोन
ब्लैक हॉर्नेट एक दम साइलेंट मोड में काम करता है। ड्रोन में तीन कैमरे दिए गए हैं। एक कैमरा आगे की जानकारी देता है। दूसरा कैमरा नीचे की तरफ बिल्कुल सीधा देखने के काम आता है और तीसरा कैमरा 45 डिग्री पर काम करता है। ब्लैक हॉर्नेट के दो वेरिएंट दुनिया भर की सेनाएं यूज करती हैं। इस ड्रोन को 20-25 मिनट में ये 90% तक चार्ज हो जाता है।
एक बार फुल चार्ज होने पर ये विमान करीब 25 मिनट तक हवा में रहकर टोह ले सकता है। दुनिया के सबसे छोटे और सबसे उन्नत ब्लैक हॉर्नेट ड्रोन को नॉर्वे की प्रोक्सडायनामिक्स नाम की कंपनी ने बनाया है। नॉर्वे इसे 2015 से इस्तेमाल कर रही है। एक बार चार्ज होने के बाद इसकी टॉप स्पीड 21 किमी प्रति घंटे होती है।
PC: FLIR/social media












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