VIDEO: भाजपा कार्यकर्ता ने सांसद निशिकांत दुबे के पैर धोकर पिया पानी, मचा सियासी बवाल
झारखंड के गोड्डा से भाजपा सांसद निशिकांत दुबे को एक पार्टी कार्यकर्ता से पैर धुलवाना महंगा पड़ गया। निशिकांत दुबे गोड्डा के कलाली गांव में एक कार्यक्रम में आए थे, जहां उनकी खातिरदारी में भाजपा कार्यकर्ता एक कदम आगे चले गए।
नई दिल्ली। झारखंड के गोड्डा से भाजपा सांसद निशिकांत दुबे को एक पार्टी कार्यकर्ता से पैर धुलवाना महंगा पड़ गया। निशिकांत दुबे गोड्डा के कलाली गांव में एक कार्यक्रम में आए थे, जहां उनकी खातिरदारी में भाजपा कार्यकर्ता एक कदम आगे चले गए। पार्टी कार्यकर्ता पंकज साह ने सांसद निशिकांत दुबे के पैरों को धोया और फिर उसे गमछे से साफ कर थाली में पड़ा पानी चरणामृत की तरह पी गए। सबसे हैरानी की बात ये रही कि ऐसा करने पर भाजपा सांसद ने उन्हें एक बार नहीं रोका।

निशिकांत दुबे ने भाजपा कार्यकर्ता से धुलवाए पैर
भाजपा सासंद निशिकांत दुबे रविवार को गोड्डा के कलाली गांव में पुल के शिलान्यास के कार्यक्रम में पहुंचे थे। यहां उनकी तारीफ में भाजपा कार्यकर्ता पंकज शाह इतने उत्साहित हो गए कि उनके चरण धोकर पी लिया। उनके सम्मान में पंकज शाह ने कहा कि सांसद ने पुल का शिलान्यास कर बहुत बड़ा उपकार किया है। उनके चरण धोकर पीने का मन कर रहा है। सासंद के सम्मान में ये लाइनें बोलने के बाद साह ने थाली में पानी मंगाया और निशिकांत दुबे का पैर धोने लगे।

चरणामृत समझ कर पिया पानी
सासंद दुबे ने भी खुशी-खुशी अपना पैर आगे कर दिया। साह ने सांसद का पैर धोया और एक गमछे से उसे पोछा। इसके बाद उन्होंने थाली में पड़े पानी को अपने हाथ में लिया और उसे चरणामृत की तरह पी लिया। इस कार्यक्रम की एक तस्वीर सोशल मीडिया पर पोस्ट कर निशिकांत दुबे ने फक्र भी महसूस किया। इस घटना का वीडियो वायरल होने पर मामले ने तूल पकड़ लिया है। भाजपा सासंद को चारोंतरफ से आलोचना का शिकार होना पड़ा है। विपक्ष के निशाने और सोशल मीडिया यूजर्स की आलोचना के बाद निशिकांत दुबे ने इसपर सफाई दी है।

भाजपा सांसद उदित राज ने बताया गलत
उन्होंने फेसबुक पर लिखा, 'क्या मैं अपने मॉं पिताजी को बदल दूँ ? क्या मैं जाति से ब्राह्मण हूँ ,इसलिए मेरे साथ मेरे मॉं पिताजी गाली के हक़दार हैं ? किसी ने पीया या नहीं पिया मैंने अपने शिक्षक बेचू नारायण सिंह जो जाति से कुरमी थे उनका पॉव धोकर पीया है? किसी दिन पवन जैसे कार्यकर्ताओं का चरणामृत लेने का सौभाग्य मुझे मिलेगा क्योंकि उन जैसे लोगों के कारण ही मैं जनता के बीच ज़िन्दा हूँ।' इस घटना पर भाजपा सासंद उदित राज ने कहा कि दुबे को ऐसा नहीं करना चाहिए था। राज ने कहा, 'निशिकांत को ऐसा नहीं करना चाहिए था। मैं तो अपने पिता के पैर भी नहीं छूता।'












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