उत्तर प्रदेश चुनाव: अलीगढ़ में बीजेपी भारी या अखिलेश-जयंत गठबंधन

"जो सरकार न नौजवानों को ख़ुश कर सकती है, न छात्रों को ख़ुश कर सकती है और न ही ग़रीबों को ख़ुश कर सकती है, वो किस काम की है? ऐसा लग रहा है कि उत्तर प्रदेश के अंदर नौजवान क्रांति लाने वाले हैं."

ये आकलन है अलीगढ़ के तनवीर अहमद ख़ान का.

अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (एएमयू) के बाब-ए-सैयद गेट के बाहर बीबीसी टीम के साथ कुछ युवा अपनी बातें साझा कर रहे थे, तभी तनवीर अहमद अपनी बाइक पर सवार होकर वहाँ से गुज़र रहे थे. वो रुके और मौजूदा हालात पर अपनी राय ज़ाहिर की.

अलीगढ़ उत्तर प्रदेश के उन चुनिंदा शहरों में है जो शिक्षा और उद्योग दोनों पैमानों पर अव्वल गिने जाते हैं और फ़िलहाल छात्रों और कारोबारियों दोनों के पास शिकायतों का बड़ा अंबार है.

एएमयू के पूर्व छात्र सैयद वसीम अली कहते हैं," पिछली बार लहर थी. इस बार पब्लिक इतनी नाराज़ है कि भाजपा को अलीगढ़ की सात में से दो सीट मिलना भी भारी है."

अलीगढ़ की सात (शहर, बरौली, छर्रा, ख़ैर, कोल, इगलास और अतरौली) विधानसभा सीटों पर 10 फ़रवरी को वोट डाले जाने हैं.

भारतीय जनता पार्टी के लिए अलीगढ़ विशेष महत्व रखता है. ये पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह का गृह जनपद है. ज़िले की अतरौली सीट से उनके पौत्र संदीप कुमार सिंह विधायक हैं और प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार में मंत्री भी हैं. इस बार भी बीजेपी ने उन्हें चुनाव मैदान में उतारा है.

साल 2017 में हुए विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने अलीगढ़ की सभी सीटों पर जीत हासिल की थी. बीजेपी नेता एक बार फिर वही नतीजा दोहराने का दावा कर रहे हैं.

बीजेपी ने पांच मौजूदा विधायकों को टिकट दिया है. दो सीट पर नए उम्मीदवार हैं. शहर सीट पर मौजूदा विधायक संजीव राजा की पत्नी मुक्ता राजा को उम्मीदवार बनाया गया है.

सीएम योगी आदित्यनाथ
Getty Images
सीएम योगी आदित्यनाथ

क़ानून व्यवस्था की तारीफ़

एएमयू से करीब छह किलोमीटर दूर तालानगरी इलाक़े में बीजेपी महिला मोर्चा की नेता नूतन गुप्ता ने दावा किया, "आएंगे तो (मुख्यमंत्री) योगी (आदित्यनाथ) जी."

नूतन गुप्ता ने अपने दावे की वजह भी बताई. उन्होंने कहा," हमें जो चाहिए, मातृ शक्ति को जो चाहिए, वो है बेहतर क़ानून व्यवस्था. ऐसी सरकार जो गुंडों और माफियाओं की नींद हराम कर दे."

क़ानून व्यवस्था के नाम पर बीजेपी की तारीफ़ कुछ और महिलाओं ने भी की.

रीता शर्मा और लक्ष्मी सिंह ने कहा, "बीजेपी सरकार ने गुंडाराज ख़त्म कर दिया." कारोबारी चंद्रशेखर शर्मा दावा करते हैं कि देश और प्रदेश में "अभी जैसा नेतृत्व है उसका कोई मुक़ाबला नहीं है."

हालांकि, अलीगढ़ के कई राजनीतिक विश्लेषकों की राय है कि इस बार बीजेपी की राह उतनी आसान नहीं है.

जयंत चौधरी और अखिलेश यादव
Getty Images
जयंत चौधरी और अखिलेश यादव

अलीगढ़ में बीजेपी की मुश्किलें

अलीगढ़ की राजनीति पर क़रीबी नज़र रखने वाले पत्रकार पंकज धीरज कहते हैं कि बीजेपी के सामने कई मुश्किलें हैं.

पंकज कहते हैं,"अलीगढ़ में गृह मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दौरे हो चुके हैं. कार्यकर्ता भी उत्साह के साथ चुनाव में जुटे हैं लेकिन सरकार के कामकाज़ से नाराज़गी और समाजवादी पार्टी- राष्ट्रीय लोकदल गठबंधन ने बीजेपी की मुश्किलें बढ़ा दी हैं. अखिलेश यादव और चौधरी जयंत सिंह के कुछ उम्मीदवार बीजेपी के किले में सेंध लगा सकते हैं."

समाजवादी पार्टी के पूर्व जिलाध्यक्ष अशोक यादव कहते हैं कि अमित शाह और योगी आदित्यनाथ के जिस तरह के बयान आ रहे हैं उससे लगता है कि उन्हें अंदाजा हो गया है कि वो चुनाव हारने वाले हैं.

वो कहते हैं," जिस जगह विद्यालय की छत टपकती हो लेकिन मंदिर-मस्जिद की छत पर सोना चढ़ा हो वहां का भविष्य क्या होगा. यह आप अच्छी तरह जानते हैं."

अशोक यादव कहते हैं कि जनता के लिए महंगाई और बेरोजगारी सबसे बड़ा मुद्दा है. बीजेपी की स्थिति लगातार खराब हो रही है. "जनता उम्मीदवारों को दौड़ा रही है. आज (शुक्रवार को) छर्रा में ऐसा हुआ."

कोल विधानसभा में भी बीजेपी उम्मीदवार के विरोध की खबर है.

बसपा प्रमुख मायावती
Getty Images
बसपा प्रमुख मायावती

सपा का दावा

बीजेपी के पार्षद और कोल विधानसभा के लिए चुनाव प्रशासनिक प्रमुख अनिल सेंगर कहते हैं कि 5 साल सरकार चलाने के बाद विरोध होना सामान्य बात है.

वो कहते हैं, "हालांकि जनता में कोई विरोध नहीं है. विरोधी प्रत्याशी भाड़े के लोगों के जरिए विरोध कराते हैं."

राष्ट्रीय लोक दल ने ज़िले की तीन सीटों इगलास, खैर और बरौली पर उम्मीदवार उतारे हैं बाकी चार सीटों पर समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी हैं. गठबंधन के नेता बीजेपी के साथ सीधी टक्कर बता रहे हैं लेकिन बहुजन समाज पार्टी का दावा है कि असल मुक़ाबला बीजेपी और बीएसपी के बीच होना है.

बीएसपी के जिलाध्यक्ष रतनदीप सिंह ने बीबीसी से कहा, "पब्लिक जानती है कि बीएसपी ही बीजेपी को हरा सकती है. दलित और मुस्लिम वोटर बीएसपी के साथ है."

वो कहते हैं कि साल 2017 के विधानसभा चुनाव के बाद नगर निकाय के चुनाव में बहुजन समाज पार्टी के मेयर ने जीत हासिल की.

रतन दीप सिंह के मुताबिक छह फरवरी को बीएसपी प्रमुख मायावती अलीगढ़ में रैली करेंगी.

योगी आदित्यनाथ, अमित शाह और नरेंद्र मोदी
Getty Images
योगी आदित्यनाथ, अमित शाह और नरेंद्र मोदी

कारोबारियों की शिकायतें

जीत हार के दावों के बीच "ताला नगरी" के कारोबारियों ने भी शिकायत का पिटारा खोल लिया है.

इंग्लैंड, फ्रांस, जर्मनी और दुबई समेत 22 देशों में हार्ड वेयर एक्सपोर्ट करने वाले अखिलेश गुप्ता कहते हैं, "इस चुनाव में महंगाई और बेरोजगारी बड़ा मुद्दा है."

वह सवाल करते हैं, "योगी जी मोदी जी अच्छा काम कर रहे हैं तो पब्लिक दुखी क्यों है? क्यों रो रही है? व्यापार क्यों खत्म हो रहा है?"

लल्लू सिंह बिजली की बढ़ी दरों को लेकर सरकार से नाराज हैं.

तौसीफ अख़्तर बेरोज़गारी की समस्या उठाते हुए कहते हैं कि एएमयू से पढ़कर निकलने वाले छात्र कैंपस सलेक्शन और प्लेसमेंट की उम्मीद लगाते हैं लेकिन उन्हें कहीं नौकरी नहीं मिल पा रही है.

तनवीर अहमद ख़ान इसी मुद्दे को उठाते हुए कहते हैं कि नौजवानों के लिए रोजगार सबसे बड़ा मुद्दा है और वो "बदलाव के मुद्दे पर वोट करेंगे."

वहीं, ज़िले की इगलास विधानसभा के वोटर राजेंद्र सिंह आवारा पशुओं की समस्या को उठाते हैं.

वह कहते हैं,"छुट्टा (आवारा) पशु बड़ी समस्या है. 24 घंटे फसल की निगरानी करनी पड़ती है. एक दिन चूक जाएं तो मैदान साफ़. 4 महीने की कमाई गई हमारी."

राजेंद्र सिंह का कहना है कि उनका गांव इगलास विधानसभा के आखिरी कोने पर है और उन तक कोई सांसद या विधायक कभी नहीं पहुंचा. वह कहते हैं कि किसी भी पार्टी का कोई उम्मीदवार भी उनकी सुध लेने नहीं आया.

राजेंद्र सिंह के मुताबिक उन्होंने तय कर लिया है कि वह 'नोटा का बटन दबाएंगे.'

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+