जेटली के खिलाफ बोलने पर मिली कीर्ति आजाद को सजा, BJP ने किया सस्पेंड
नयी दिल्ली (ब्यूरो)। भारतीय जनता पार्टी ने अपने सांसद कीर्ति आजाद को सस्पेंड कर दिया है। बीजेपी राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने यह निर्णय लिया है। कीर्ति आजाद ने अरुण जेटली के खिलाफ मोर्चा खोल दिया था और उन्होंने उनपर डीडीसीए में घोटाले का आरोप लगाया था।

उन पर पार्टी लाइन के खिलाफ काम करने का आरोप लगा है। बीजेपी ने नोटिस देकर आजाद से पूछा है कि उनकी मेंबरशिप क्यों न खत्म की जाए। जवाब के लिए 14 दिनों का वक्त दिया गया है।
उल्लेखनीय है कि कीर्ति आजाद ने अरुण जेटली के खिलाफ मीडिया में आकर सबूत पेश किया था। कुछ दिनों पहले कीर्ति आजाद ने विकीलीक्स4इंडिया और सन स्टार नेशनल डेली के साथ मिलकर एक वीडियो जारी किया था, जिसमें डीडीसीए से जुड़े बड़े घोटालों को उजागर किया गया था।
इस वीडियो में हुए खुलासों के मुख्य अंश इस प्रकार हैं-
- एक कंम्पयूटर की कीमत 30 से 40 हजार रुपए में आता है, लेकिन डीडीसीए ने 11 हजार रुपए प्रति दिन के किराये पर कंप्यूटर लिये।
- डीडीसीए ने 3 हजार रुपए प्रति दिन के आधार पर प्रिंटर किराये पर लिये, जबकि एक प्रिंटर आसानी से 5 से 7 हजार में खरीदा जा सकता है।
- डीडीसीए के साथ 14 ऐसी कंपनियों के साथ डीली हुई, जो भौतिक रूप से हैं ही नहीं।
- वाज कंसल्टेंसी नाम की कंपनी के साथ डीडीसीए ने टेंडर दिये।
- कंपनी का जो पता डीडीसीए के रजिस्टर में लिखा है, वहां एक हाउसिंग सोसाइटी है। इस नाम की कोई कंपनी है ही नहीं। जिस कंपनी के साथ मिलकर स्टेडियम के रखरखाव का काम किया गया था, उस नाम की कंपनियां दिल्ली में मौजूद ही नहीं हैं।
- भावना शर्मा के नाम का बिल लगाया गया। बिल पर लिखा पता पूरी तरह गलत है। ऐसा पता दिल्ली में है ही नहीं। एक बिल में मुंजल कॉर्पोरेशन का बिल है, सदर बाजार का पता था। इस नाम की कंपनी सदर बाजार में है ही नहीं।
- माइक्रो सिस्टम, राजौरी गार्डन्स की गलियों में जब इस कंपनी को खोजा गया, तो वहां दफ्तर की जगह मकान था। किरायेदार ने बताया कि वो यहां 10 साल से रह रहा है, लेकिन कोई कंपनी नहीं है। डीडीसीए की फाइल में एसके कंस्ट्रक्शन का जो पता दिया गया है, वहां एक रीयल इस्टेट कंपनी है।












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