असम में मुख्यमंत्री का सस्पेंस आज होगा खत्म! सर्बानंद सोनोवाल और हिमंत बिस्वा सरमा को बुलाया गया दिल्ली
नई दिल्ली, मई 8। असम विधानसभा चुनाव में धमाकेदार जीत दर्ज करने के बाद बीजेपी के अंदर मुख्यमंत्री को लेकर जबरदस्त मंथन चल रहा है। राज्य में कौन मुख्यमंत्री बनेगा इसको लेकर केंद्रीय नेतृत्व में भी लगातार चर्चा चल रही है। अब माना जा रहा है कि इसका फैसला दिल्ली में ही लिया जाएगा, इसलिए शनिवार को सर्बानंद सोनोवाल और हिमंत बिस्वा सरमा को दिल्ली बुलाया गया है।

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अमित शाह और नड्डा के साथ मीटिंग में शामिल होंगे दोनो नेता
जानकारी के मुताबिक, असम के इन दोनों बड़े नेताओं को शनिवार सुबह 10 बजे तक दिल्ली पहुंचने के लिए कहा गया है। बताया जा रहा है कि दिल्ली में राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और पार्टी महासचिव बीएल संतोष समेत कई दिग्गज नेताओं की मीटिंग होगी। इस मीटिंग में सर्बानंद सोनोवाल और हिमंत बिस्वा सरमा को भी मौजूद रहना होगा। इसी मीटिंग में मुख्यमंत्री को लेकर सस्पेंस खत्म हो जाएगा।
असम में क्यों बीजेपी CM को लेकर नहीं ले पा रही है फैसला?
आपको बता दें असम में 2 मई को विधानसभा चुनाव के नतीजे आ गए थे। असम के साथ-साथ चार अन्य राज्यों के भी नतीजे आए थे। इनमें से बंगाल और तमिलनाडु में मुख्यमंत्री का शपथग्रहण भी हो चुका है, लेकिन असम में बीजेपी अभी तक यही तय नहीं कर पाई है कि आखिर मुख्यमंत्री किसे बनाया जाए। बीजेपी के अंदर इस बात को लेकर मंथन चल रहा है कि किसी एक को सीएम बनाए जाने के बाद किसी तरह की गुटबाजी का सामना ना करना पड़े।
सोनोवाल और बिस्वा सरमा से कौन बेहतर?
आपको बता दें कि बीजेपी के अंदर दोनों नेताओं में से मुख्यमंत्री का चयन करना वाकई बहुत बड़ी चुनौती है, क्योंकि सर्बानंद सोनोवाल की राज्य में छवि बहुत अच्छी है तो वहीं बिस्वा सरमा को कैबिनेट का सबसे पसंदीदा मंत्री माना जाता है। बिस्वा सरमा के कामकाज को भी राज्य की जनता ने खूब पसंद किया है। इसके अलावा किसी तरह की गुटबाजी से बचने के लिए भी बिस्वा सरमा के नाम पर विचार किया जा सकता है। सर्बानंद सोनोवाल कचहरी आदिवासी समुदाय से ताल्लुक रखते हैं।
2016 में भी सीएम पद के दावेदार थे बिस्वा सरमा
आपको बता दें कि 2016 के विधानसभा चुनाव में सोनोवाल को बीजेपी ने सीएम फेस के रूप में प्रेजेंट किया था और बीजेपी की जीत के बाद उन्हें ही सीएम बनाया गया था। वहीं हिमंत बिस्वा सरमा चुनाव से थोड़ा पहले ही कांग्रेस छोड़ बीजेपी में शामिल हुए थे। हालांकि उस वक्त भी बिस्वा सरमा को सीएम पद का दावेदार माना जा रहा था।












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