Get Updates
Get notified of breaking news, exclusive insights, and must-see stories!

भाजपा को मिल रहा सबसे ज्यादा चंदा, कॉरपोरेट घरानों से 1 साल में आ गए ₹ ​720.407 करोड़

BJP Is the biggest recipient of corporate donations, This political party received the maximum donation of ₹720.407 crore in 2019-20 Year

नई दिल्‍ली। सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को अन्‍य सियासी दलों की तुलना में ज्‍यादा चंदा मिलता है। भाजपा ऐसा भी दल है, जिसे सबसे ज्‍यादा चंदा कॉरपोरेट डोनर्स से मिला। 2025 कॉरपोरेट डोनर्स से भाजपा को एक साल में 720.407 करोड़ रुपये का चंदा मिला। यह जानकारी एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (एडीआर) की रिपोर्ट से सामने आई है।

BJP received of ₹720.407 crore from 2025 corporate donors in One Year

एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (एडीआर) ने हाल ही प्रकाशित अपनी रिपोर्ट में कहा कि, सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) वित्त वर्ष 2019-20 में कॉरपोरेट चंदे की सबसे बड़ी प्राप्तकर्ता रही। बीजेपी को 2025 कॉरपोरेट डोनर्स से सबसे ज्यादा 720.407 करोड़ रुपये का चंदा मिला। साथ ही जब 2019 में लोकसभा चुनाव हुए थे, तब राष्ट्रीय दलों को ज्‍यादा कॉर्पोरेट फंडिंग भी देखी गई। यह फंडिंग कुल 921.95 करोड़ रुपये की थी, जो कि उससे भी पिछले लोकसभा चुनावी वर्ष 2014-15 में ₹ 573.18 करोड़ थी। यह जानना दिलचस्‍प है कि, 2019-20 में राजनीतिक दलों के कुल योगदान का 91 फीसदी कॉरपोरेट फंडों का था।

एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (एडीआर) ने अपनी स्‍टडी में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के अलावा जिन दलों को शामिल किया, उनमें कांग्रेस, सीपीआईएम, एनसीपी और टीएमसी शामिल हैं। एडीआर रिपोर्ट में कहा गया है कि, "सभी दलों में से अकेली बीजेपी को 2025 कॉर्पोरेट दाताओं से ₹ ​720.407 करोड़ का चंदा मिला, जो कि सबसे ज्‍यादा था। उसके बाद आईएनसी (कांग्रेस) को 154 कॉर्पोरेट दाताओं से 133.04 करोड़ का चंदा मिला। वहीं, एनसीपी ने 36 कॉर्पोरेट दाताओं से ₹ ​​57.086 करोड़ का चंदा हासिल किया,"

BJP received of ₹720.407 crore from 2025 corporate donors in One Year

Recommended Video

    Donations के मामले में corporate BJP पर इतना मेहरबान क्यों? | वनइंडिया हिंदी

    दो अन्य राष्ट्रीय दल, बसपा और भाकपा, एडीआर समीक्षा का हिस्सा नहीं थे, क्योंकि बीएसपी ने घोषणा की थी कि उसे वित्त वर्ष 19-20 में ₹ 20,000 से अधिक का कोई योगदान नहीं मिला और सीपीआई ने कॉरपोरेट्स से कोई आय घोषित नहीं की। भारत के चुनाव कानूनों के अनुसार, 20,000 रुपये से अधिक के सभी दान का विवरण चुनाव आयोग को वार्षिक रिपोर्ट में घोषित किया जाना चाहिए। चंदा देने वालों में इलेक्टोरल ट्रस्ट सबसे ज्यादा खर्च करने वाले के रूप में उभरा, उसके बाद विनिर्माण क्षेत्र की कंपनियों का स्थान रहा। इलेक्टोरल ट्रस्टों ने 2019-20 में सभी कॉरपोरेट चंदे में 43% का योगदान दिया, जबकि निर्माण उद्योगों (15.87%), और खनन / निर्माण / निर्यात और आयात फर्मों ने 13% डोनेशन दिया।

    रिपोर्ट के अनुसार, "प्रूडेंट इलेक्टोरल ट्रस्ट वित्त वर्ष 2019-20 में दो राष्ट्रीय दलों भाजपा और कांग्रेस के लिए टॉप डोनर था।" इसने भाजपा को ₹ 216.75 करोड़ और कांग्रेस को ₹ 31 करोड़ दिया। राकांपा के टॉप डोनर बीजी शिर्के कंस्ट्रक्शन टेक्नोलॉजी प्रा लिमिटेड रहे, जिसने ₹ 25 करोड़ दिए। अन्य बड़े डोनर्स में आईटीसी ने भाजपा को ₹ 55 करोड़ और कांग्रेस को ₹ 13.6 करोड़ का योगदान दिया।

    More From
    Prev
    Next
    Notifications
    Settings
    Clear Notifications
    Notifications
    Use the toggle to switch on notifications
    • Block for 8 hours
    • Block for 12 hours
    • Block for 24 hours
    • Don't block
    Gender
    Select your Gender
    • Male
    • Female
    • Others
    Age
    Select your Age Range
    • Under 18
    • 18 to 25
    • 26 to 35
    • 36 to 45
    • 45 to 55
    • 55+