BJP President Caste: नितिन नबीन बने बीजेपी के 12वें अध्यक्ष, अब तक किस जाति से कितने प्रेसिडेंट रहे? देखें
BJP President Caste: भारतीय जनता पार्टी (BJP) देश की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी के रूप में आज मजबूती से खड़ी है। पार्टी को यहां तक पहुंचाने के पीछे कार्यकर्ताओं की अथक मेहनत के साथ पार्टी नेतृत्व की अहम भूमिका रही है। 1980 में पार्टी की स्थापना के बाद से अब तक कई अध्यक्ष बने, जिन्होंने अलग-अलग दौर में पार्टी को दिशा दी। अब नितिन नबीन के 12वें अध्यक्ष बनने के साथ ही पार्टी के नेतृत्व का नया अध्याय शुरू होने जा रहा है।
बीजेपी अध्यक्ष के चुनाव में जातिगत समीकरणों का भी ध्यान रखा जाता रहा है। यही वजह है कि पार्टी ने अब तक ब्राह्मण, ठाकुर से लेकर दलित और ओबीसी अध्यक्ष तक पर भरोसा किया है। भारतीय राजनीति में जाति हमेशा एक फैक्टर रही है। तमाम पार्टियों की आंतरिक राजनीति और समीकरणों में भी यह बड़ी भूमिका निभाती है।

BJP President Caste: ब्राह्मण, ठाकुर से लेकर ओबीसी भी बने अध्यक्ष
- बीजेपी के पहले अध्यक्ष अटल बिहारी वाजपेयी थे, जिन्होंने 1980 से 1986 तक पार्टी का नेतृत्व किया। वाजपेयी ब्राह्मण समुदाय से आते थे और पार्टी को राष्ट्रीय पहचान दिलाने में उनकी बड़ी भूमिका रही।
- इसके बाद लालकृष्ण आडवाणी (1986-1991) अध्यक्ष बने, जो सिंधी समुदाय से थे। उनके नेतृत्व में राम मंदिर आंदोलन ने पार्टी को नई ऊंचाई तक पहुंचाया। राष्ट्रवाद और हिंदुत्व पार्टी के कोर एजेंडे में आडवाणी के दौर में ही शामिल हुए। आडवाणी ने 1993 से 1998 तक दूसरी बार पार्टी अध्यक्ष का पद संभाला था। बीजेपी के संस्थापक सदस्यों में से एक लालकृष्ण आडवाणी ने (2004-2005) तक भी अध्यक्ष का पद संभाला था। पाकिस्तान यात्रा में जिन्ना पर दिए बयान की वजह से उन्हें पद छोड़ना पड़ा था।
- मुरली मनोहर जोशी (1991-1993) तक पार्टी के अध्यक्ष रहे। जोशी ब्राह्मण हैं और उन्होंने संगठनात्मक मजबूती पर खास ध्यान दिया। उनके दौर में पार्टी ने संगठन के स्तर पर बड़ा विस्तार किया था।
- कुशाभाऊ ठाकरे चंद्रसेनिया कायस्थ प्रभु परिवार से आते थे। वह 1998 से 2000 तक पार्टी अध्यक्ष रहे। उनके कार्यकाल में खास तौर पर मध्य प्रदेश में पार्टी ने संगठन के स्तर पर बड़ा विस्तार किया। आज भी पार्टी का कैडर वहां सबसे मजबूत माना जाता है।
- दलित समुदाय से आने वाले बंगारू लक्ष्मण 2000 में पार्टी अध्यक्ष बने, लेकिन 2001 में उन्हें तहलका टेप कांड में नाम आने की वजह से पद छोड़ना पड़ा था।
- इसके बाद जना कृष्णमूर्ति ने थोड़े समय (2001-2002) के लिए अध्यक्ष की जिम्मेदारी निभाई। वह ब्राह्मण वर्ग से आते हैं।
- आंध्र प्रदेश से आने वाले वेंकैया नायडू (2002-2004) पार्टी के अध्यक्ष बने। नायडू कम्मा समुदाय (ओबीसी) से आते हैं। उन्हें खास तौर पर दक्षिण भारत में पार्टी को विस्तार देने के लिए जाना जाता है।
- राजनाथ सिंह (2005-2009) तक बीजेपी के अध्यक्ष रहे थे। उनके अध्यक्ष रहते ही पार्टी ने लोकसभा चुनाव लड़ा था जिसमें हार हुई थी। सिंह ठाकुर (राजपूत) समाज से हैं। उनके कार्यकाल में पार्टी ने उत्तर भारत में मजबूत आधार बनाया। बाद में राजनाथ सिंह ने फिर से (2013-2014) अध्यक्ष की जिम्मेदारी निभाई। उनके अध्यक्ष रहते ही बीजेपी पहली बार पूर्ण बहुमत के साथ केंद्र की सत्ता में आई थी।
- नितिन गडकरी (2009-2013) तक पार्टी अध्यक्ष रहे थे। वह मराठी ब्राह्मण परिवार हैं और उन्हें संघ के साथ तालमेल बनाने और संगठन को आधुनिक और टेक्नोलॉजी फ्रेंडली बनाने का श्रेय दिया जाता है।
- इसके बाद अमित शाह (2014-2020) पार्टी अध्यक्ष बने, जो गुजरात के वैश्य (बनिया) समाज से हैं। उनके दौर में पार्टी ने ऐतिहासिक जीत देखी और 2019 के लोकसभा चुनाव में पूर्ण बहुमत से दोबारा सत्ता में वापसी की।
- जेपी नड्डा (2020-2025), जो ब्राह्मण समुदाय से हैं। उनके नेतृत्व में पार्टी ने कई राज्यों में सरकार बनाई और संगठन को और मजबूत किया।
Nitin Nabin बने पार्टी के 12वें अध्यक्ष
अब नितिन नबीन नए और 12वें अध्यक्ष बनने जा रहे हैं। वे ओबीसी वर्ग से आते हैं और संगठनात्मक राजनीति में उनकी गहरी पकड़ मानी जाती है। उनके अध्यक्ष बनने से बीजेपी के सामाजिक संतुलन और विस्तार की रणनीति को नई धार मिलने की उम्मीद है। बीजेपी के अध्यक्षों की यह सूची बताती है कि पार्टी ने समय-समय पर जातीय और क्षेत्रीय संतुलन साधते हुए नेतृत्व चुना है, जिससे वह लगातार राजनीतिक रूप से मजबूत बनी रही है।












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