अमित शाह ने बताया क्यों भाजपा हार गई गोरखपुर और फूलपुर की सीट
नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने बीते दिनों उत्तर प्रदेश के गोरखपुर और फूलपुर उपचुनाव में हुई हार के बाद टिप्पणी की है। उन्होंने कहा है कि चुनाव के वक्त ही बहुजन समाज पार्टी और समाजवादी पार्टी का गठजोड़ इस हार में बड़ा कारक रहा। शाह ने कहा कि पार्टी ने इस हार की समीक्षा करने के लिए एक समिति भी तैयार की है। पार्टी का इरादा हैक कि वो साल 2019 के लोकसभा चुनाव में 50 फीसदी वोट साझा करने की लड़ाई लड़ने को तैयार हैं। आगामी चुनावों में भी बसपा और सपा के गठबंधन के चलते भाजपा का समीकरण बिगड़ने के सवाल पर शाह ने कहा कि यह आसान नहीं है।

एक चैनल को दिए साक्षात्कार में राज्यसभा सांसद शाह ने कहा कि मीडिया, गोरखपुर और फूलपुर की दो सीटों को लेकर खुश है। कांग्रेस की ओर से संसद परिसर में मिठाई बंटी कि हमने सभी उपचुनावों में 8 सीटें खोई हैं लेकिन यह कोई नहीं कह रहा कि हमने 11 प्रदेश छीने लिए हैं। कोई त्रिपुरा का नाम नहीं ले रहा, जहां हमने बीते दिनों भारी जीत हासिल की है।
शाह ने कहा कि उपचुनाव स्थानीय मुद्दों पर लड़े जाते हैं। हर स्थानीय चुनाव का अलग दृश्य होता है, लेकिन आम चुनाव में बड़े नेता और बड़े मुद्दे शामिल होते हैं। साल 2019 में भाजपा और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन ज्यादा सीटे पाएगी। तेलुगू देशम पार्टी के अलग होने और शिवसेना के 2019 में बिना गठबंधन अकेले चुनाव लड़ने के सवाल पर शाह ने कहा, कि साल 2014 में कई पार्टियों ने हमसे हाथ मिलाया था। 11 दल हमसे जुड़े थे और इनमें से सिर्फ ही पार्टी एक अलग हुई है। NDA नहीं टूटेगा। कर्नाटक चुनाव पर एक सवाल के जवाब में शाह ने कहा, 'हम कर्नाटक जीतेंगे। जिस तरह सिद्धारमैया राज्य चला रहे हैं, उसमें निश्चित ही सत्ता विरोधी लहर काम करेगी।












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