2019 का लोकसभा चुनाव पास, लेकिन कहां गायब हो गए हैं बीजेपी के 3 करोड़ सदस्य?
नई दिल्ली। 2015 में बीजेपी ने घोषणा की थी कि वो दुनिया की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी बन गई है। मार्च 2015 में बीजेपी ने दावा किया था कि वो कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ चाइना को पीछे छोड़कर 8.8 करोड़ सदस्यों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बन गई है। उसी साल जुलाई में पार्टी अध्यक्ष अमित शाह ने कहा था कि पार्टी के 11 करोड़ सदस्यों को राष्ट्र निर्माण में भागीदार बनाया जाएगा। लेकिन अब क्या लोगों ने बीजेपी की सदस्या छोड़ दी है? या कहें कि बीजेपी के सदस्यों का संख्या कम हो गई है? ये संख्या हजारों में नहीं बल्कि करोड़ों में है। 8 और 9 सितंबर को दिल्ली में हुई राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में दिए गए पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के भाषण से तो यही लग रहा है।

दिप्रिंट वेबसाइट में छपी खबर के मुताबिक शनिवार यानी 8 सितंबर को राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में अपने भाषण में अमित शाह ने बीजेपी के सदस्यों की संख्या 8 करोड़ बताई लेकिन अगले ही दिन उन्होंने इसे 9 करोड़ बताया और इस बात पर जोर दिया कि 2019 के लोकसभा चुनाव से पहले पार्टी को 22 करोड़ परिवारों तक पहुंचना है।

नेताओं के अलग-अलग आंकडे
इस महीने की शुरुआत में भारतीय जनता पार्टी की महिला मोर्चा की राष्ट्रीय अध्यक्ष विजया रहाटकर ने कहा था कि पार्टी की देश में सदस्याता लगभग 12 करोड़ है और इसमें 3 करोड़ महिलाएं शामिल हैं। अप्रैल में पार्टी नेता अली मोहम्मद मीर ने श्रीनगर में कहा था कि बीजेपी 14 करोड़ से अधिक सदस्यों के साथ दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी है। तो जाहिर तौर पर इसके बाद सवाल उठना लाजमी है कि सत्ताधारी पार्टी बीजेपी के सदस्यों की सही संख्या क्या है?

सदस्यों का नहीं हुआ सत्यापन
दिप्रिंट के मुताबिक बीजेपी के एक प्रवक्ता ने बताया है कि पार्टी के नामांकित सदस्यों की कुल संख्या 11 करोड़ ही थी लेकिन इनमें से 2 करोड़ सदस्यों को अभी तक सत्यापित नहीं किया जा सका हैं। उन्होंने अमित शाह द्वारा बताए गए 8 करोड़ के प्रारंभिक आंकड़े को महज जुबान फिसलना बताया।

संख्या पर भ्रम
अमित शाह समेत पार्टी के नेताओं ने अलग-अलग समय पर पार्टी के सदस्यों की संख्या पर अलग-अलग आंकड़े दिए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नवंबर 2014 में पहला सदस्य बनने के लिए मोबाइल नंबर डायल करके ऑनलाइन सदस्यता अभियान को लॉन्च किया था। इसके बाद पार्टी ने दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी बनने का जश्न भी मनाया था और पार्टी के नेता इस बात को कई बार कई मंचों से बोलते रहे हैं। लेकिन सदस्यों की संख्या पर नेताओं के ये अलग-अलग आंकड़े जाहिर तौर पर भ्रम फैलाते हैं और पार्टी कार्यकर्ताओं को भी लोगों के बीच सही आकड़ों के बारे में बात करने से रोकते हैं।
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