यूपी राज्यसभा उप-चुनाव के लिए बीजेपी ने सैय्यद जफर इस्लाम को बनाया उम्मीदवार, इस काम का मिला इनाम
नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश में राज्यसभा सीट के लिए आगामी उप-चुनाव 2020 को लेकर रातनीतिक पार्टी ने अपने उम्मीदवारों की घोषणा शुरू कर दी है। राज्य की सत्ताधारी पार्टी भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की केंद्रीय चुनाव समिति ने भी बुधावार को उप-चुनाव के लिए सैय्यद जफर इस्लाम के नाम को उम्मीदवार के रूप में स्वीकृति दे दी है। बता दें कि सैय्यद जफर इस्लाम वही शख्स हैं जिन्होंने पूर्व कांग्रेस नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया को बीजेपी में लाने में अहम भूमिका निभाई थी, कहा जा रहा है कि बीजेपी ने उन्हें इसी का इनाम दिया है।

बता दें कि सैय्यद जफर इस्लाम बीजेपी के प्रवक्ता है जो अक्सर टीवी डिबेट में विरोधी दलों के तीखे सवालों का जवाब देते नजर आते हैं। उन्होंने सिंधिया को भाजपा में शामिल करने के लिए बड़ी मेहनत की थी। बता दें कि इस्तीफा देने से पहले सिंधिया का अमित शाह और पीएम मोदी के साथ मिलना एक दिन में तय नहीं हुआ था, जबकि इसके पीछे जफर इस्लाम का हाथ था, जिसने बीजेपी और ज्योतिरादित्य सिंधिया के बीच बातचीत कराई। जफर इस्लाम और सिंधिया में पहले से ही मधुर संबंध हैं।
जफर इस्लाम ने कराई सिंधिया से बीजेपी की डील
'आउटलुक' की रिपोर्ट के मुताबिक मध्य प्रदेश में मचे सियासी उथल-पुथल के पीछे बीजेपी के प्रवक्ता जफर इस्लाम का हाथ था, पीएम मोदी से बेहद प्रभावित जफर इस्लाम को लोग शांत-गंभीर और मृदभाषी कहते हैं, मालूम हो कि बीजेपी प्रवक्ता बनने से पहले जफर एक एक विदेशी बैंक के लिए काम करते थे और वो पहले से ही सिंधिया के करीबी रहे हैं। वो पांच महीने से लगातार सिंधिया से मिल रहे थे, जिसकी वजह अब निकलकर सामने आई कि वो पिछले 5 महीने से सिंधिया को बीजेपी में लाने की कोशिश में लगे थे, यहां आपको यह भी बता दें कि जिस वक्त अमित शाह के साथ ज्योतिरादित्य सिंधिया पीएम मोदी से मिलने पहुंचे थे, उस वक्त उन दोनों के साथ जफर इस्लाम भी गाड़ी में मौजूद थे, यही नहीं सिंधिया की प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात के वक्त भी जफर 7, लोक कल्याण मार्ग पर उन लोगों के साथ थे।
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