मोदी की ताजपोशी के लिए बीजेपी तैयार, आडवाणी देंगे इस्तीफा?
नयी दिल्ली। नरेन्द्र मोदी के नाम पर भाजपा के वरिष्ठ नेताओं लालकृष्ण आडवाणी और सुषमा स्वराज के विरोध को दरकिनार करते हुए पार्टी ने एक सुर में नमो, नमो जपने का फैसला कर दिया है। भाजपा अपना ट्रंप कार्ड खेलने जा रही है। पार्टी ने लोकसभा चुनाव 2014 के लिए अपने पीएम उम्मीदवार के नाम की घोषणा करने की पूरी तैयारी कर ली है। मोदी के लिए मंच सज चुका है। विरोधों के बीच मोदी के नाम की बुगल बस बजने ही वाली है। आज शाम 5 बजे संसदीय बोर्ड की बैठक में मोदी के नाम की औपचारिक घोषणा तय है, लेकिन इन सबके बीच भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी का क्या? मोदी के विरोध में खड़े हुए आडवाणी और सुषमा स्वराज ने साफ किया है कि वो पार्टी की संसदीय बोर्ड की बैठक में अपनी बात रखेंगे। चाहे पार्टी इसे माने या ना माने।
भाजपा जानती है कि उनकी डूबती नैया को अगर कोई पार लगा सकता है तो वो बस मोदी ही है। ऐसे में पार्टी के कुछ नेताओं को नजरअंजाद कर वो मोदी की ताजपोशी कर उन्हें अपना खेवनहार बना रहे है। भाजपा अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने संसदीय बोर्ड के सदस्यों को सभी कार्यक्रम को निरस्त कर दिल्ली पहुंचने का आदेश दिया है। हलांकि सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक मोदी गुजरात की राजधानी गांधीनगर में ही रहेंगे।

भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी मोदी की उम्मीदवारी के विरोध में है और माना जा रहा है कि वो संसदीय बोर्ड की बैठक में शामिल नहीं होते हैं। ऐसे में पार्टी ने उनकी गैर मौजूदगी में ही मोदी को सिरमौर बनाने का फैसला कर लिया है। इससे पहले भी गोवा में भाजपा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में आडवाणी शामिल नहीं हुए थे और उनकी गैर मौजूदगी में ही मोदी को चुनाव अभियान समिति का प्रमुख नियुक्त कर दिया गया था। भाजपा के इस कदम से नाराज आडवाणी ने पार्टी के तीन प्रमुख पदों से इस्तीफा दे दिया था। ऐसे में एकबार फिर से ये संभावनाएं पैदा हो गई है कि क्या इसबार भी अपनी अनदेखी किए जाने से आडवाणी इस्तीफा देंगे?
अगर पहले की इस तरह बार भी आडवाणी अपने रवैये पर टिके रहते है तो माना जा रहा है कि मोदी की ताजपोशी के बाद आडवाणी पार्टी के सभी पदों से अपना इस्तीफा देंगे। हालांकि आडवाणी को मनाने की कोशिशें जारी है। पार्टी संसदीय बोर्ड के सदस्य नितिन गडकरी और रामलाल ने भाजपा अध्यक्ष राजनाथ सिंह से मुलाकात की। कल रात फिर से नितिन गडकरी ने आडवाणी से मुलाकात की थी। पार्टी अध्यक्ष राजनाथ सिंह भी कई बार उन्हें मनाने की कोशिश कर चुके है। पार्टी के भीतरखाने से भी उन्हें मोदी के पक्ष में करने की कोशिश हो रही है।
मोदी विरोधी खेमे की तीन शर्ते
मोदी पार्टी के पीएम उम्मीदवार बनते ही मुख्यमंत्री पद छोड़ें
मोदी ताजपोशी के बाद चुनाव प्रचार कमेटी के प्रमुख पद से इस्तीफा दें
आडवाणी की शर्तों पर पार्टी विचार करें












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