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फांसी के विरोध में उतरे वरुण गांधी, कहा- 75 फीसदी गरीबों को मिलती है सजा-ए-मौत

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नई दिल्ली। याकूब मेमन को फांसी दिये जाने के बाद देश से एक बार फिर से फांसी बंद करो की आवाजें आने लगी हैं, इस बार फांसी के विरोध में आवाज उठायी है भाजपा सांसद वरूण गांधी ने। उन्होंने अंग्रेजी की पत्रिका में एक लेख लिखा है, जिसमें उन्होंने फांसी का विरोध किया है और कहा है कि देश में 75 फीसदी मौत की सजा गरीब और कमजोर लोगों को मिलती है जो कि एक दुखद बात है।

BJP MP Varun Gandhi backs abolition of death penalty, says it legalises vengeance

गांधी ने लिखा है कि उनके हिसाब से भारत के संविधान में फांसी की सजा नहीं होनी चाहिए, इससे किसी जुर्म का अंत नहीं हो सकता है जबकि 'सजा-ए-मौत के कई विकल्प हैं, उम्र कैद में बिना पैरोल दिये आप व्यक्ति को सजा दे सकते हैं लेकिन किसी को फांसी पर लटकाना यह उचित नहीं है।

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वरूण ने बकायदा आंकड़ों के हिसाब से लिखा है कि देश के 94 फीसदी मौत की सजा गरीबों, दलितों और अल्पसंख्यकों को दी गई है, वरूण की यह बातें निश्चित रूप से एक नई बहस और तीखी आंधी की ओर इशारा कर रही हैं, देखते हैं कि वरूण की इस बात पर बीजेपी क्या रियेक्शन देती है।

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English summary
In an article in the Outlook magazine, Varun said death sentence only legalises vengeance and ought to be done away with. He argued that death penalty has historically enabled tyranny and that its utility of is proving to be anachronistic.
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