ओडिशा में भाजपा को बड़ा झटका, दो सीनियर नेताओं ने इस्तीफा देकर कहा- शोपीस समझ रखा था
भुवनेश्वर। ओडिशा बीजेपी के दो वरिष्ठ नेता दिलीप रे और बिजोय महापात्रा ने शुक्रवार पार्टी की सदस्यता से त्यागपत्र दे दिया है। पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं विधानसभा में राउरकेला का प्रतिनिधित्व कर रहे दिलीप रे ने सदन की सदयस्ता से भी इस्तीफा दे दिया है। बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह को भेजे गए संयुक्त इस्तीफे ने इन नेताओं ने कहा है कि उनके साथ 'फर्नीचर की तरह व्यवहार' किया गया। दिलीप रे और बिजोय ने आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपा नेतृत्व ओडिशा के विकास एवं स्वार्थ को महत्व नहीं दे रहा है।

अधिकतर नेता पार्टी के व्यवहार पर इसलिए चुप्पी साधे हुए है कि कही अगले साल होने वाले चुनाव में उनका टिकट न कट जाए। दोनों नेताओं ने कहा कि वो पार्टी की उदासीनता से परेशान थे। दोनों नेताओं ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि उनके लिए राज्य का हित सर्वोपरि है और वह अपने राजनीतिक भविष्य के बारे में अगले पखवाड़े तक फैसला करेंगे। पू्र्व केंद्रीय मंत्री दिलीप रे पार्टी अध्यक्ष को लिखे इस्तीफा पत्र में कहा है कि मैं इसे स्वीकार करता हूं कि मैं अपने क्षेत्र की जनता की उम्मीदों पर खरा नहीं उतर पाया।
इसी बात की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए मैंने इस्तीफा देने का फैसला किया है। यह फैसला करना मेरे लिए दुखदायी है। दिलीप रे ने कहा कि उन्होंने अपने क्षेत्र की जनता से किए गए वादों पर पूरी तरह से उतरने की कोशिश की लेकिन नाकाम रहे। ओडिशा के लिए दशकों से सेवा कर रहे और स्वंय का सम्मान करने वाले राजनेताओं के रूप में हम पार्टी में शोपीस बनकर नहीं रह सकते हैं। पार्टी में हमको फर्नीचर मान लिया गया है। पत्र में कहा है कि मौन, किसी भी लोकतंत्र के लिए एक बुरा संकेत है। दोनों ने लिखा, हमारे लिए, राज्य का हित सर्वोच्च है। हमने कभी भी किसी भी पद, शक्ति या टिकट के लिए अपने आत्म सम्मान या राज्य के हित से समझौता नहीं किया है।
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