2024 में बीजेपी कुछ राज्यसभा सांसदों को लड़ा सकती है लोकसभा चुनाव, इन कैबिनेट मंत्रियों के नाम हैं शामिल
भारतीय जनता पार्टी 2024 के लोकसभा में 2019 के चुनाव का एक आजमाया हुआ सफल फॉर्मूला अपना सकती है। माना जा रहा है कि कुछ केंद्रीय मंत्री जो राज्यसभा के सांसद हैं, पार्टी उन्हें लोकसभा चुनाव लड़ने के लिए कह सकती है।
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सूत्रों की मानें तो कुछ केंद्रीय मंत्रियों जो दो कार्यकाल से राज्यसभा में हैं पार्टी ने इसके लिए तैयार रहने को भी कह दिया गया है। इसके मुताबिक पार्टी की ओर से केंद्रीय मंत्रियों धर्मेंद्र प्रधान, भूपेंद्र यादव और मनसुख मंडाविया का इसके लिए नाम चुना जा सकता है,जिनका दूसरा राज्यसभा कार्यकाल चल रहा है।

धर्मेंद्र प्रधान और भूपेंद्र यादव का हो सकता है नाम
धर्मेंद्र प्रधान और भूपेंद्र यादव का पार्टी संगठन में भी बड़ा योगदान रहा है। प्रधान तो पार्टी और सरकार के लिए प्रमुख भूमिका निभाते रहे हैं और लोकसभा चुनाव लड़ने की इच्छा भी जता चुके हैं। इनके अलावा अश्विनी वैष्णव और ज्योरादित्य सिंधिया भी अभी राज्यसभा के सदस्य हैं, जो लोकसभा चुनाव में भाजपा के प्रत्याशी हो सकते हैं। सिंधिया मध्य प्रदेश की ग्वालियर लोकसभा सीट से कई बार कांग्रेस के टिकट पर चुनाव जीत चुके हैं।
स्मृति ईरानी और रविशंकर प्रसाद हो चुके हैं सफल
2019 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी ने तब के केंद्रीय मंत्रियों स्मृति ईरानी और रविशंकर प्रसाद को भी क्रमश: अमेठी और पटना लोकसभा क्षेत्र से चुनाव मैदान में उतारा था। दोनों राज्यसभा के सदस्य थे, लेकिन लोकसभा चुनावों में पार्टी के लिए बहुत बड़ी जीत हासिल की थी।
धर्मेंद्र प्रधान एक बार लोकसभा चुनाव जीत भी चुके हैं
धर्मेंद्र प्रधान 2009 के लोकसभा चुनाव में ओडिशा की देवगढ़ लोकसभा सीट से चुनाव जीते भी थे। लेकिन, परिसीमन के बाद यह चुनाव क्षेत्र ढेंकनाल और संभलपुर में विभाजित हो चुका है। प्रधान ओबीसी चौसा जाति से आते हैं। उनकी उम्मीदवारी से ओडिशा के उन सभी चुनाव क्षेत्रों में असर पड़ सकता है, जहां इस जाति की आबादी अच्छी है। प्रधान को भाजपा नवीन पटनायक के बाद वाली ओडिशा की राजनीति के लिए प्रदेश के भविष्य के नेता के रूप में देख रही है।
हरियाणा या राजस्थान से चुनाव लड़ सकते हैं भूपेंद्र यादव
इसी तरह भूपेंद्र यादव राजस्थान से दो बार के राज्यसभा सांसद हैं। वह बिहार और गुजरात जैसे राज्यों में भाजपा संगठन के लिए बहुत बड़ी जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। इस बार उन्हें हरियाणा से भाजपा के राष्ट्रीय कार्यकारिणी में जगह दी गई है। वह हरियाणा के मूल निवासी हैं।
जब भूपेंद्र यादव को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कैबिनेट में जगह मिली थी और वह हरियाणा में रेवाड़ी के जमालपुर में अपने पैतृक इलाके में रैली करने पहुंचे थे तो हरियाणा के सीएम मनोहर लाल खट्टर ने उन्हें धरती का लाल कह कर पेश किया था। इसका यही संदेश निकला कि वह प्रदेश में पार्टी के भविष्य का चेहरा हो सकते हैं। उनके लिए अच्छी बात यह है कि पार्टी उन्हें हरियाणा या राजस्थान कहीं से भी उतार सकती है।
मंडाविया भी लड़ सकते हैं लोकसभा चुनाव
इसी तरह गुजरात के भावनगर से आने वाले पाटीदार नेता मनसुख मंडाविया को भी पार्टी लोकसभा चुनावों में आजमा सकती है। भाजपा के एक और बड़े मंत्री हैं पीयूष गोयल। वह मुंबई से रहने वाले हैं और तीन बार से राज्यसभा सांसद हैं। हालांकि, उनके लिए अभी साफ नहीं है कि उनके नाम पर भी विचार हो रहा है।
वित्त और विदेश मंत्री पर भी दांव आजमा सकती है भाजपा
हालांकि, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और विदेश मंत्री एस जयशंकर का मामला अलग है। बीजेपी तमिलनाडु में अपना आधार मजबूत करने में जुटी है और यह दोनों नेता अब प्रदेश की बड़ी पहचान बन चुके हैं। दोनों तमिल ब्राह्मण हैं। ऐसे में इन दोनों को लोकसभा चुनाव में उतारने पर पार्टी जरूर विचार कर सकती है।
पिछले महीने नए संसद भवन के उद्घाटन से पहले जब तमिलाडु से 20 संत पीएम से मिलने उनके आवास पर पहुंचे थे और उन्हें संसद में स्थापित करने के लिए पवित्र सेंगोल सौंपा था तो निर्मला सीतारमण की उनके बीच मौजूदगी खास रही थी।












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