राजघाट के पास अटल बिहारी वाजपेयी का स्मारक बनाएगी भाजपा
नई दिल्ली। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के निधन के बाद भारतीय जनता पार्टी ने वाजपेयी का विशाल स्मारक बनवाने का फैसला लिया है। इस स्मारक को को राष्ट्रीय स्मृति स्थल जोकि राजघाट के करीब है बनाया जाएगा। भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी का अंतिम संस्कार यहीं पर पूरे राजकीय सम्मान के साथ 17 अगस्त को किया गया था। अटल बिहारी वाजपेयी का लंबी बीमारी के बाद 16 अगस्त को दिल्ली के एम्स अस्पताल में निधन हो गया था।

जल्द शुरू होगा काम
अटल बिहारी वाजपेयी की समाधि स्थल का कार्य 15 सितंबर से शुरू हो सकता है, इसके लिए एक टीम का गठन किया गया है और उसे निर्देश दिया गया है कि इस काम के जल्द से जल्द पूरा करें। भाजपा नेतृत्व चाहता है कि इस स्मारक के निर्माण का कार्य 25 दिसंबर तक पूरा हो जाए, जिस दिन अटल बिहारी वाजपेयी का जन्म हुआ था। लेकिन जिस टीम को यह काम सौंपा गया है उसने इस स्मारक को 26 जनवरी 2019 तक तैयार करने की बात कही है।

गणतंत्र दिवस पर कई अतिथि देंगे श्रद्धांजलि
माना जा रहा है कि इस स्मारक का उद्घाटन 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस के मौके पर किया जाएगा। गौर करने वाली बात यह है कि आगामी 2019 के लोकसभा चुनाव अप्रैल-मई के आसपास होंगे, लिहाजा अटल जी के स्मारक को भाजपा इससे पहले पूरा करा लेना चाहती है। इस कार्य को पूरा करा लेने के बाद भाजपा के पास अपना खुद का राजघाट होगा। आपको बता दें कि 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस के मौके पर मुख्य अतिथि यहां अटल बिहारी वाजपेयी को श्रद्धांजलि देने के लिए आएंगे जोकि महात्मा गांधी कृी समाधि स्थल के बिल्कुल करीब है।

घर नहीं बनेगा मेमोरियल
मोदी सरकार ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को गणतंत्र दिवस के मौके पर मुख्य अतिथि के तौर पर आमंत्रित किया है, हालांकि अभी तक अमेरिका की ओर से इसकी पुष्टि नहीं की गई है। तत्कालीन अटल बिहारी वाजपेयी सरकार ने यह फैसला लिया था कि लुटियंस दिल्ली में स्थित राष्ट्रीय नेताओं के घर को संग्रहालय में परिवर्तित नहीं किया जाएगा, जिसके बाद अटल बिहारी वाजपेयी के 6ए, कृष्ण मेनन मार्ग को मेमोरियल में तब्दील नहीं किया जाएगा।
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