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ममता बनर्जी को बंगाल में तगड़ा झटका, बीजेपी ने पहली बार किसी जिला परिषद पर किया कब्जा

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कोलकाता: तृणमूल कांग्रेस को सोमवार को दक्षिणी दिनाजपुर जिला परिषद से हाथ धोना पड़ा। सोमवार को दक्षिण दिनाजपुर जिला इकाई के प्रमुख और टीएमसी नेता बिप्लब मित्रा ने बीजेपी ज्वाइन कर ली। उनके साथ परिषद के दस सदस्यों ने भी बीजेपी ज्वाइन किया। जिला परिषद में 18 सदस्य हैं। इसके बाद बीजेपी ने पश्चिम बंगाल की दक्षिण दिनाजपुर जिला परिषद पर अपना कब्जा जमा लिया। तृणमूल कांग्रेस की चीफ और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के लिए ये तगड़ा झटका है। इसी के साथ बीजेपी ने पहली बार बंगाल में किसी जिला परिषद पर कब्जा किया।

बीजेपी ने जिला परिषद पर किया कब्जा

बीजेपी ने जिला परिषद पर किया कब्जा

दक्षिण दिनाजपुर जिला परिषद राज्य की पहली जिला परिषद है जिसे विपक्षी दल बीजेपी ने अपने कब्जे में ले लिया है। परिषद की चेयरपर्सन लिपिका रॉय उन लोगों में शामिल है, जिन्होंने पाला बदला। टीएमसी के विधायक विल्सन चांपरामेरी बीजेपी में शामिल हो गए। पिछले एक महीने में पांच विधायक बीजेपी में शामिल हो गए हैं। बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव और बंगाल प्रभारी कैलाश विजयवर्गीय, पश्चिम बंगाल बीजेपी इकाई के प्रमुख दिलीप घोष और राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य मुकुल रॉय की मौजूदगी में ये सदस्य भाजपा में शामिल हुए।

'टीएमसी के लिए राजनीतिक भूकंप'

'टीएमसी के लिए राजनीतिक भूकंप'

पश्चिम बंगाल में लोकसभा चुनाव में अहम भूमिका निभाने वाले मुकुल रॉय ने कहा कि आज टीएमसी के लिए राजनीतिक भूकंप आया है। ये पहले चरण का विस्तार है। हम सात चरणों में इसे प्राप्त करेंगे। उन्होंने कहा कि ममता विधानसभा में बहुमत खो देंगी। गौरतलब है कि राय बीजेपी की बंगाल लोकसभा चुनाव प्रबंधन समिति के संयोजक थे और उन्होंने टीएमसी के नाराज नेताओं बीजेपी ज्वाइन कराने में महतवपूर्ण भूमिका निभाई थी। बंगाल में पिछला पंचायत चुनाव 2018 में हुआ, जब सत्तारूढ़ टीएमसी ने सभी 22 जिला परिषदों में जीत हासिल की।

लोकसभा चुनाव में ममता को मिली हार

लोकसभा चुनाव में ममता को मिली हार

गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल में पहली बार बीजेपी ने भगवा लहराया था। उसने सूबे की कुल 42 लोकसभा सीटों में से 18 सीटों पर जीत हासिल की है। वहीं टीएमसी को 22 सीटों पर संतोष करना पड़ा है। बीजेपी ने साल 2014 में मात्र 2 सीटें जीती थी। वहीं टीएमसी को 34 सीट मिली थी। 2009 में कांग्रेस और टीएमसी ने संयुक्त रूप से 26 सीटें जीती थी। बीजेपी की जीत पर भी उन्होंने सवाल उठाए।

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English summary
bjp gets firs zila parishad in west bengal after tmc member switch side
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