द्रौपदी मुर्मू को राष्ट्रपति उम्मीदवार बनाकर भाजपा ने विपक्ष को किया पैदल

नई दिल्ली, 21 जून: देश के अगले राष्ट्रपति पद के लिए बीजेपी नीत एनडीए ने झारखंड की पूर्व राज्यपाल द्रौपदी मुर्मू को अपना उम्मीदवार घोषित किया है। बीजेपी की ओऱ से जारी किया गए नाम के चलते राष्ट्रपति चुनाव को लिए होने वाली वोटिंग के समीकरण बदल गए हैं। द्रौपदी मुर्मू जैसे ग़ैर पारंपरिक नाम का ऐलान करके बीजेपी ने समूचे विपक्ष की राजनीति को धराशायी कर दिया है। मुर्मु अपना नामांकन 25 जून को दाखिल कर सकती हैं। बता दें कि बीजेपी की ओर से इस नाम को लेकर काफी समय से चर्चाएं चल रही थीं।

बीजेपी के इन दलों के समर्थन की है जरूरत

बीजेपी के इन दलों के समर्थन की है जरूरत

बीजेपी द्वारा द्रौपदी मुर्मू के नाम के ऐलान के पीछे एक तीर से कई निशाने साधे हैं। बीजेपी नीत एनडीए के पास राष्ट्रपति के चुनाव को जीतने के लिए पर्याप्त नंबर नहीं हैं। ऐसे में उसे कुछ क्षेत्रीय दलों की मदद की जरूरत रहेगी। इसी को देखते हुए बीजेपी ने द्रौपदी मुर्मू के नाम का ऐलान किया है। बीजेपी को अगर अपना राष्ट्रपति बनाना है तो इसके लिए उसे बीजेडी और वाईएसआर कांग्रेस की समर्थन की जरूरत पड़ेगी।

ओडिशा में अपनी जड़े जमाने की कोशिश करेगी बीजेपी

ओडिशा में अपनी जड़े जमाने की कोशिश करेगी बीजेपी

इसकी को देखते हुए बीजेपी ने आदिवासी महिला नेता द्रौपदी मुर्मू के नाम का ऐलान किया। दरअसल द्रौपदी मुर्मू ओडिशा से आती हैं। ऐसे में अगर द्रौपदी मुर्मू राष्ट्रपति बनती है तो वह इस राज्य की पहली नेता होंगी जो इस पद पर पहुंचेगीं। दूसरा वह ओडिशा के आदिवासी समुदाय से आती हैं। जहां बीजेपी अपनी जड़े जमाने की कोशिश कर रही हैं। ऐसे में बीजेपी ओडिशा में खुद को आदिवासी हितैषी के तौर पर पेश कर पाएगी।

नवीन पटनायक का मिलेगा समर्थन

नवीन पटनायक का मिलेगा समर्थन

वहीं द्रौपदी मुर्मू के नाम ऐलान के पीछे एक वजह ये भी मानी जा रही है कि इस नाम की घोषणा के बाद नवीन पटनायक उनका समर्थन करेंगे। यह कार्ड पहले कांग्रेस भी खेल चुकी है। कांग्रेस द्वारा प्रतिभा पाटिल के नाम ऐलान के बाद मराठी होने के नाते शरद पवार औऱ शिवसेना ने प्रतिभा पाटिल का समर्थन किया था। जिसके चलते वे भारत की पहली महिला राष्ट्रपति बनी थीं। अब यही कार्ड बीजेपी ने द्रौपदी मुर्मू के नाम घोषणा करके खेला है।

मुर्मू के नाम देश की पहली आदिवासी महिला गवर्नर का तमगा भी है

मुर्मू के नाम देश की पहली आदिवासी महिला गवर्नर का तमगा भी है

मुर्मू के नाम देश की पहली आदिवासी महिला गवर्नर का तमगा भी है। 2015-2021 के बीच वह झारखंड की गवर्नर रही हैं। 20 जून 1958 में जन्‍मीं मुर्मू की पढ़ाई-लिखाई भुवनेश्‍वर के रमादेवी वुमेंस कॉलेज से हुई है। वह स्‍नातक हैं। उनके पति श्‍याम चरण मुर्मू इस दुनिया में नहीं हैं। उनके एक बेटी है। उसका नाम इतिश्री मुर्मू है। इतिश्री का विवाह हो चुका है। 2004-2009 के बीच मुर्मू ओडिशा के रायरंगपुर से विधानसभा सदस्य थीं। 2002-2009 के बीच मुर्मू ने बीजेपी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य के तौर पर एस.टी. मोर्चा की जिम्‍मेदारी संभाली। 2000-2004 के बीच वह ओडिशा सरकार में परिवहन और वाणिज्य विभाग की मंत्री रही हैं। 2002-2004 के बीच उन्‍होंने ओडिशा सरकर के पशुपालन विभाग की जिम्‍मेदारी संभाली।

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