कर्नाटक चुनाव: बीजेपी का विकास के सहारे सत्ता में वापसी का दांव, कांग्रेस ने बनाई सरकार विरोधी रणनीति
कर्नाटक चुनाव की तारीखों का ऐलान हो चुका है। बीजेपी जहां विकास के दम पर वोट मांग रही है तो दूसरी तरफ कांग्रेस ने सरकार के खिलाफ सत्ता विरोधी लहर पर सवार होकर चुनाव जीतने की रणनीति बनाई है।

Karnataka Election 2023: कर्नाटक चुनाव का बिगुल बज चुका है। चुनाव आयोग ने बुधवार को कर्नाटक चुनाव की तारीखों का ऐलान कर दिया है। कर्नाटक की कुल 224 विधानसभा सीटों पर 10 मई को वोटिंग होगी। चुनाव के नतीजे 13 मई को आएंगे। सभी दल अपने-अपने चुनाव प्रचार को तेज करने में जुट गए हैं। कर्नाटक चुनाव में जहां बीजेपी विकास के एजेंड के साथ एक बार फिर से सत्ता में आने की कोशिश कर रही है तो कांग्रेस ने सत्ताधारी पार्टी की एंटी इनकंबेंसी को अपना एजेंडा बनाया है।
कांग्रेस और बीजेपी की रणनीति तैयार
कर्नाटक विधानसभा चुनाव में कांग्रेस और भाजपा दोनों दलों ने अपनी-अपनी जीत का दावा किया है। कांग्रेस ने जहां सरकार के खिलाफ सत्ता विरोधी लहर के साथ भ्रष्टाचार, बेरोजगारी और महंगाई के मुद्दे पर चुनाव लड़ने की रणनीति बनाई है तो दूसरी तरफ बीजेपी विकास कार्यों के दम पर जीत को लेकर आश्वस्त है। कर्नाटक चुनाव पर चित्तपुर से कांग्रेस विधायक और पार्टी अध्यक्ष प्रियांक खड़गे ने दावा करते हुए कहा है कि हम चुनाव जीत रहे हैं। उन्होंने कहा कि कर्नाटक के 40 फीसदी लोग सरकार से तंग आ चुके हैं, भाजपा जाति की राजनीति कर रही है, और बेरोजगारी चरम पर है। कांग्रेस 150 सीटें के साथ पार्टी सत्ता में आएगी।
विकास के दम पर वापसी का भरोसा
दूसरी तरफ बीजेपी ने अपनी सरकार के विकास पर भरोसा जताते हुए कहा कि वे चुनाव जीतेंगे। कर्नाटक के सीएम बसवराज बोम्मई ने कहा कि हम पहले ही अपने सभी विकास कार्यों के साथ लोगों के पास जा चुके हैं। इसी के साथ सत्ता विरोधी लहर पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि बीजेपी का कोई भी नेता कांग्रेस में शामिल नहीं होने जा रहा है।
5 साल में तीन सीएम ने संभाला कर्नाटक
बता दें कि मौजूदा स्थिति की बात करें तो कर्नाटक की कुल 224 सीटों में से सत्तारूढ़ भाजपा के पास की कुल 119 सीटें हैं। कांग्रेस के पास 75 और उसके सहयोगी दल जद (एस) के पास 28 सीटें हैं। गौरतलब है कि पिछले 5 साल में कर्नाटक में तीन मुख्यमंत्री बदले गए हैं। 23 मई 2018 को सीएम पद की सबसे पहले कुमार स्वामी ने शपथ ली। फिर बीएस येदियुरप्पा ने 26 जुलाई 2019 से 28 जुलाई 2021 तक कर्नाटक सीएम का पद संभाल। उसके बाद येदियुरप्पा के इस्तीफे के बाद 28 जुलाई 2021 को बसवराज बोम्मई मुख्यमंत्री हैं।









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