JNU से पढ़ाई, इकोनॉमिक्स के असिस्टेंट प्रोफेसर, कौन हैं अभिनव प्रकाश? BJP ने राहुल से डिबेट के लिए किया आगे
Open Public Debate: लोकसभा चुनाव 2024 के सियासी मौसम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कांग्रेस नेता राहुल गांधी के ओपन डिबेट के मुद्दे ने भी जोर पकड़ा हुआ है। राहुल गांधी ने हाल ही में एक ट्वीट के जरिए ओपन डिबेट चैलेंज को स्वीकार किया था, जिसके बाद अब बीजेपी की ओर से अगला कदम उठाया गया है।
दरअसल, लोकसभा चुनाव के बीच खुली बहस की चुनौती उस वक्त चर्चाओं में आ गई, जब देश की जानी-मानी हस्तियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कांग्रेस नेता राहुल गांधी को ओपन डिबेट का न्योता दिया।

सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज मदन बी लोकुर, दिल्ली हाईकोर्ट के पूर्व मुख्य न्यायाधीश जस्टिस अजीत पी शाह और द हिंदू के पूर्व एडिटर इन चीफ एन राम की ओर से दोनों नेताओं को खुली बहस के लिए निमंत्रण भेजा।
इस बीच कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने सार्वजनिक बहस का निमंत्रण औपचारिक रूप से स्वीकार करते हुए 11 मई को एक ट्वीट किया, जिसमें उन्होंने लिखा,"स्वस्थ लोकतंत्र के लिए प्रमुख दलों का एक मंच से अपना विज़न देश के समक्ष रखना एक सकारात्मक पहल होगी। कांग्रेस इस पहल का स्वागत करती है और चर्चा का निमंत्रण स्वीकार करती है। देश प्रधानमंत्री जी से भी इस संवाद में हिस्सा लेने की अपेक्षा करता है।"
राहुल गांधी के इस कदम के बाद बीजेपी ने भी 'खुली बहस' की चुनौती को स्वीकार करते हुए भाजपा युवा मोर्चा के उपाध्यक्ष अभिनव प्रकाश को डिबेट के लिए नॉमिनेट किया है। दरअसल, भाजयुमो के राष्ट्रीय अध्यक्ष तेजस्वी सूर्या ने राहुल को एक पत्र लिखा और बहस की चुनौती को स्वीकार करते हुए अभिनव प्रकाश को नामित किया। ऐसे में जानिए कौन हैं अभिनव प्रकाश?
रायबरेली के युवा नेता
अभिनव प्रकाश उत्तर प्रदेश के रायबरेली से आते हैं और वो दलित समुदाय से नाता रखते हैं। अभिनव प्रकाश पासी समुदाय से आते हैं। भाजपा युवा मोर्चा के उपाध्यक्ष होने के साथ-साथ अभिनव युवा मोर्चा के प्रवक्ता भी हैं, जो लगातार मोदी सरकार के कामकाज पर पार्टी का पक्ष रखते नजर आते हैं।
बता दें कि अभिनव प्रकाश जेएनयू के एल्यूमिनी भी हैं। साथ ही दिल्ली यूनिवर्सिटी के रामजस कॉलेज में इकोनॉमिक्स के असिस्टेंट प्रोफेसर भी हैं। इसके पहले उन्होंने श्रीराम कॉलेज ऑफ कॉमर्स में भी शिक्षक के रूप में अपनी सेवाएं दी हैं।
बता दें कि रायबरेली लोकसभा सीट जहां से इस बार राहुल गांधी चुनाव लड़ रहे हैं, वहां पासी समुदाय दलितों की कुल आबादी के करीब 30% है।












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