अपने ही करवा रहे हैं मोदी सरकार की छीछालीदर
नई दिल्ली (विवेक शुक्ला)। अभी केन्द्रीय खाद्य प्रसंस्करण मंत्री साध्वी निरजंन की बेहद आपतिजनक टिप्पणी के कारण सरकार की हो रही छीछालीदर बंद भी नहीं हुई थी कि राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के बेटे और भाजपा सांसद दुष्यंत सिंह के बयान से सरकार को लोकसभा में शर्मिंदगी उठानी पड़ी। अब भाजपा नेतृत्व इनकी क्लास ले सकता है ताकि ये संसद में या संसद के बाहर संयमित भाषा का प्रयोग करें।

देर से आने वाले मंत्री
इनके अलावा भी कुछ केन्द्रीय मंत्रियों के दफ्तर देर से पहुंचने के कारण प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी इनसे नाखुश बताए जाते हैं। समझा जाता है कि मोदी इन मंत्रियों को साफ शब्दों में समझा दिया है कि उनका दफ्तर देरे से पहुंचना बेहद खराब उदाहरण पेश करता है। इससे अनुशासनहीनता का माहौल बनता है। इसलिए वे अपने को सुधारें।
दुष्यंत ने की मंत्री की खिंचाई
जहां तक दुष्यंत सिंह की बात है तो कल जब परिवहन राज्यमंत्री विपक्ष के सवालों का जवाब दे रहे थे, उसी वक्त दुष्यंत सिंह ने यह कहकर सबको हैरत में डाल दिया कि मंत्री को अपने विषय के बारे में जानकारी ही नहीं है। दरअसल, राधाकृष्णन हाईवे पर पूछे गए एक सवाल का जवाब दे रहे थे। मंत्री का कहना था कि किसी भी परियोजना को पीपीपी (सार्वजनिक निजी भागीदारी) ईपीसी (इंजीनियरिंग, खरीद और निर्माण) मॉडल में बदलने के लिए भारी-भरकम राशि की जरूरत पड़ती है।
उन्होंने कहा, 'यह सही है कि कई पीपीपी परियोजनाओं के लिए किसी ने बोली नहीं लगाई। लिहाजा, कई परियोजनाएं ईपीसी के तहत दिए जा रही हैं। नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया के पास पर्याप्त संसाधन हैं और वह अगले दो वर्षों में ईपीसी मॉडल के तहत 30,500 किलोमीटर सड़क निर्माण की योजना बना रहा है। इस पर दुष्यंत सिंह ने कहा कि यह बड़े दुख की बात है कि मंत्री को अपने विषय के बारे में ही जानकारी नहीं है। उनके मुताबिक मंत्री के बयान और आंकड़ों में कोई मेल नहीं है। दुष्यंत के बयान पर विपक्ष के अलावा भाजपा सदस्य भी हंसते नजर आए। सूत्रों का कहना है कि साध्वी निरंजन और दुष्यंत सिंह को भाजपा के शिखर नेता कड़ी डोज दे सकते हैं ताकि ये आगे से अपने को सुधार लें।












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