केरल के अलाप्पुझा में बर्ड फ्लू की दस्तक, बड़ी संख्या में बत्तखों को मारेगा प्रशासन
नई दिल्ली, 9 दिसंबर: देश में कोरोना वायरस का ओमिक्रॉन वेरिेएंट तेजी से फैल रहा है। इस बीच केरल में बर्ड फ्लू ने चिंता बढ़ा दी है। राष्ट्रीय उच्च सुरक्षा पशु रोग संस्थान भोपाल को भेजे गए कुछ नमूनों में H5N1 इन्फ्लूएंजा यानि बर्ड फ्लू की पुष्टि हुई। जिसके बाद प्रशासन ने गुरुवार को केरल के अलाप्पुझा जिले में अलर्ट जारी किया। साथ ही सभी से बर्ड फ्लू को लेकर सतर्क रहने की अपील की है।

दरअसल पिछले हफ्ते जिले में कई बत्तखों और स्थानीय पक्षियों की मौत हो गई थी। जिस पर पशु चिकित्सा विभाग ने बर्ड फ्लू की आशंका जताई और सैंपल लेकर भोपाल भेजे। जिसमें बर्ड फ्लू की पुष्टि हुई है। पशु चिकित्सा अधिकारियों के मुताबिक शुक्रवार को प्रभावित क्षेत्रों में बत्तखों को मारा जाएगा। इसके साथ ही उनके मालिकों को सरकारी मानदंडों के हिसाब से मुआवजा भी मिलेगा। वहीं राजधानी में मीडिया से बात करते हुए पशुपालन मंत्री जे सिंचू रानी ने कहा कि सरकार ने जिला कलेक्टर को आवश्यक उपाय करने के निर्देश दिए हैं।
विदेशी पक्षी भी हैं वजह
आपको बता दें कि केरल में कई बैकवाटर, तालाबों आदि में किसान बत्तख पालते हैं। इस वजह से वहां पर बर्ड फ्लू के बहुत से केस मिलते रहते हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक मौसम बदलने के साथ ही राज्य में विदेशी पक्षी भी आते हैं, जो वायरस के मुख्य ट्रांसपोर्टर के रूप में काम करते हैं। अलाप्पुझा और पड़ोसी कोट्टायम में बत्तख पालन एक महत्वपूर्ण व्यवसाय है। उसके अंडे और मांस की काफी डिमांड रहती है और ये मुर्गियों की तुलना में काफी महंगे हैं।
2016 में था सबसे ज्यादा कहर
वैसे ये कोई पहला मामला नहीं है, पिछले साल भी अलाप्पुझा में बर्ड फ्लू का प्रकोप देखने को मिला था। ये जिला 2016 में सबसे ज्यादा प्रभावित था, उस दौरान अलाप्पुझा और पथानामथिट्टा जिलों में कम से कम 5 लाख मुर्गियों और बत्तखों को मार दिया गया।












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