Bilkis Bano: बिलकिस के 11 में से 9 दोषी फरार, एक के पिता की इच्छा- राम मंदिर में सेवा करे बेटा
Bilkis Bano Case: बिलकिस बानो गैंगरेप केस पर भले सुप्रीम कोर्ट ने 11 दोषियों को दोबारा सरेंडर करने का आदेश दे दिया हो। लेकिन, उस आदेश की तामील होने की गुंजाइश कम ही नजर आ रही है। क्योंकि, ज्यादातर दोषी बोरिया-बिस्तर लेकर अपने-अपने घरों से फरार हैं। कुछ के घर के बाहर ताला लटक रहा है।
वहीं, रिश्तेदारों और परिवारजनों का कहना है कि कोर्ट के आदेश के हफ्तेभर पहले ही दोषी घर छोड़कर निकल गए हैं। उधर, कोर्ट के आदेश की तामील के लिए पुलिस प्रशासन ने दोषियों के घर के बाहर एक-एक सिपाही तैनात कर दिया है, जिससे दोषियों को जेल में वापिस लाया जा सके। आइए जानते हैं क्या कहते हैं दोषियों के रिश्तेदार, पड़ोसी ...

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, कोर्ट के आदेश के बाद कई मीडिया संस्थान दोषियों के घर पहुंचे। जिसमें कहीं दोषी गायब मिला तो कहीं दरवाजों पर ताला लटक रहा था। एक दोषी के पिता ने बताया कि उनका बेटा बेगुनाह है। 'दि इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के मुताबिक, दोषी के पिता ने कहा कि उनकी इच्छा है कि अयोध्या के राम मंदिर के प्रतिष्ठान में उनका बेटे को सेवा करने का अवसर मिले।
वहीं, एक अन्य दोषी ऐसे ही एक अन्य दोषी राधेश्याम शाह के पिता भगवानदास शाह ने बताया कि बेटा करीब 15 महीने से घर पर नहीं है। उन्हें कोई जानकारी नहीं है कि बेटा कहां गायब है। बेटा अपने बीवी बच्चों के साथ गायब है। वहीं, एक अन्य दोषी प्रदीप मोढिया (57) भी घर से लापता है। पड़ोसियों की मानें तो अब दोबारा हाथ में नहीं आएगा।
क्या था कोर्ट का फैसला?
दरअसल, गुजरात में 2002 में दंगे के दौरान गर्भवती बिलकिस बानो के साथ गैंगरेप की घटना हुई। मामले में सोमवार को सुप्रीम कोर्ट ने गुजरात सरकार द्वारा रिहा किए गए 11 दोषियों को दोबारा सरेंडर करने का आदेश दिया। कोर्ट ने सरकार के फैसले को रद्द कर दिया।
क्या है बिलकिस का पक्ष?
लंबी लड़ाई के बाद बिलकिस को न्याय मिला। सुप्रीम कोर्ट ने 11 दोषियों की रिहाई रद्द की। इसपर बिलकिस बानों ने कहा कि ऐसा होता है इंसाफ। उनके सीने से पहाड़ जिनता बड़ा पत्थर हट गया है। कई सालों के बाद मुसकराई हूं। अब मैं सांस भी ले सकती हूं।













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