बिलकिस बानों के दोषियों की रिहाई पर SC ने गुजरात सरकार को भेजा नोटिस
नई दिल्ली, 25 अगस्त। बिलकिस बानो के 11 दोषियों की रिहाई के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई थी। याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि सवाल यह है कि गुजरात सरकार के अंतर्गत दोषी क्षमा के योग्य हैं या नहीं। हमे यह देखना होगा कि क्या इस मामले में दिमाग का इस्तेमाल किया गया या नहीं। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि सभी 11 दोषियों को इस मामले में पक्षकार बनाया जाए। इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में गुजरात सरकार का भी जवाब मांगा है। कोर्ट ने गुजरात सरकार को इस मामले में नोटिस जारी किया है और मामले को दो हफ्ते के लिए टाल दिया है
Recommended Video

बता दें कि गुजरात में गोधरा दंगों के दौरान बिलकिस बानों के साथ गैंगरेप हुआ था, इसके साथ ही परिवार के 14 सदस्यों की हत्या कर दी गई थी। इस मामले में 11 लोगों को दोषी करार देते हुए उम्र कैद की सजा सुनाई गई थी। जिसके बाद गुजरात सरकार ने सभी दोषियों को क्षमा नीति के तहत रिहा कर दिया। देशभर में इसका लोगों ने विरोध किया और सुप्रीम कोर्ट में इसके खिलाफ याचिका दायर की गई। इन याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने गुजरात सरकार को नोटिस जारी करते हुए इस मामले की सुनवाई को अगले 2 हफ्तों के लिए टाल दिया है।
गौर करने वाली बात है कि सभी दोषियों को 2008 में उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी। जिस वक्त बिलकिस का रेप किया गया था उस वक्त बिलकिस की उम्र 21 वर्ष थी और वह 5 महीने के गर्भ से थी। जिन लोगों की हत्या की गई थी उसमे बिलकिस की तीन साल की बेटी भी शामिल थी। आजादी के अमृत महोत्सव के मौके पर 15 अगस्त को दोषियों को रिहा करने का फैसला लिया गया। राज्य सरकार के निर्देश के बाद इन लोगों को रिहा कर दिया गया। सरकार के फैसले के बाद बिलकिस बानो ने कहा था कि मेरा न्याय से भरोसा उठ गया है, यह अन्यायपूर्ण फैसला है।












Click it and Unblock the Notifications