Bihar Polls 2020: JDU उम्मीदवारों के लिए कैडरों को मनाने में BJP नेताओं के छूट रहे हैं पसीने
नई दिल्ली- चुनाव से पहले के सर्वेक्षणों के बीच अब ग्राउंड रिपोर्ट भी यही बता रही है कि मैदान में बीजेपी के उम्मीदवारों के मुकाबले जदयू के उम्मीदवारों के पक्ष में वोटों की गोलबंदी में ज्यादा दिक्कत हो रही है। भारतीय जनता पार्टी को जदयू उम्मीदवारों के पक्ष में वोट ट्रांसफर करवाने में कई सीटों पर भारी मशक्कत करनी पड़ रही है। करीब 22 सीटें तो ऐसी हैं ही जहां लोजपा के टिकट पर लड़ रहे भाजपा के बागियों के लिए पार्टी कैडर 'चुपेचाप बंगला छाप' का नारा बुलंद कर रहे हैं। जाहिर है कि यह स्थिति नीतीश कुमार की जेडीयू के लिए बहुत ही बड़ी चुनौती बनकर उभरी है। सिर्फ जेडीयू ही नहीं, एनडीए गठबंधन में चुनाव लड़ने वाली वीआईपी और हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा के उम्मीदवारों के पक्ष में भी भाजपा कैडर वोट को ट्रांसफर करवाना इस बार पार्टी नेताओं को काफी भारी पड़ रहा है।
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पहले से ही यह चर्चा था कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जैसे फायरब्रांड स्टार प्रचारकों की डिमांड जेडीयू के उम्मीदवार ज्यादा बढ़चढ़ कर रहे हैं। उन्हें उम्मीद है कि ऐसे नेताओं के भाषण के बाद 'बंगला' में जाने वाला वोट रुक जाएगा। सहयोगियों की लाचारी को देखते हुए अब बीजेपी के वरिष्ठ नेताओं ने इनके पक्ष में वोटों की गोलबंदी करने के लिए इनकी सीटों पर चुनाव प्रचार में तेजी लाने का फैसला किया है। दरअसल, भाजपा के वोटर और नेता कुछ विधानसभा क्षेत्रों में जदयू और दूसरे दलों के उम्मीदवारों को सीट देने से नाराज हैं। जबकि, पहली 71 सीटों के लिए चुनाव प्रचार का काम आज शाम खत्म भी हो रही है। हालात की नजाकत को समझते हुए बीजेपी के बड़े नेताओं के निर्देश पर स्थानीय स्तर के नेता सहयोगी दलों को संकट से उबारने के लिए मैदान में कूद पड़े हैं।
पिछले दो दिनों से बीजेपी के जिला स्तरीय नेताओं ने स्थानीय नेताओं-कार्यकर्ताओं और मतदाताओं को एनडीए उम्मीदवारों के पक्ष में वोटिंग करने के लिए मनाना शुरू कर दिया है। ये लोग जमीनी स्तर के कार्यकर्ताओं और सीधे वोटरों तक से बातचीत करके उन्हें समझाने की कोशिश कर रहे हैं। बीजेपी का फोकस खासकर उन क्षेत्रों में है जहां लोजपा ने मजबूत उम्मीदवार को टिकट दिया है।
मसलन, दिनारा, जहानाबाद, कुर्था, ब्रह्मपुर, सासाराम और पालीगंज ऐसी ही सीटें हैं, जहां पर जेडीयू उम्मीदवारों की सांसें अटकी हुई हैं। इन क्षेत्रों में बीजेपी स्थानीय नेताओं से संपर्क साध रही है और सहयोगी जदयू उम्मीदवारों की जीत सुनिश्तित करने को कह रही है। पार्टी का प्रदेश नेतृत्व इसके लिए पूर्व विधायकों और उन विधानसभा क्षेत्रों के महत्वपूर्ण नेताओं से संपर्क साध रहा है और उनसे एनडीए उम्मीदवारों की जीत के लिए काम करने को कह रहा है। पालीगंज के एक स्थानीय बीजेपी नेता पंकज कुमार ने बताया कि 'प्रदेश नेतृत्व के निर्देशों के अनुसार हम लोगों को समझाने के लिए कड़ी मेहनत कर रहे हैं।' इन्होंने इस सीट पर जेडीयू प्रत्याशी जयवर्धन यादव के लिए प्रचार करना शुरू कर दिया है।
एक वरिष्ठ भाजपा नेता ने ईटी को बताया कि पार्टी लंबे समय से इसी रणनीति पर काम करती आई है। उनका कहना है, 'हम हमेशा से अपने कोर वोटरों पर आखिरी हफ्ते में काम करते हैं और चुनाव से पहले उनके मुद्दे सुलझा लेते हैं।' इसी कड़ी में बिहार भाजपा के इंचार्ज भूपेंद्र यादव और गोरखपुर से पार्टी सांसद रवि किशन की सोमवार को दिनारा में जदयू के प्रत्याशी और मंत्री जय कुमार सिंह के पक्ष में चुनाव प्रचार का कार्यक्रम बनाया गया। ब्रह्मपुर सीट पर इन दोनों के लिए वीआईपी उम्मीदवार जयराम चौधरी के लिए भी कार्यक्रम बनाया गया। इस सीट पर लोजपा के हुलास पांडे बहुत कड़ी टक्कर दे रहे हैं, लिहाजा बीजेपी के लिए सहयोगी उम्मीदवारों के पक्ष में हवा बनाना बड़ी चुनौती साबित हो रही है। यह सिलसिला प्रचार खत्म होने के बाद वोटरों से उनके घरों पर जाकर संपर्क के दौरान भी देखने को मिल सकता है।
बिहार चुनाव के पहले चरण की 71 सीटों के लिए आज प्रचार शाम को थम रहा है। यहां 28 अक्टूबर को वोटिंग होगी। बाकी 3 नवंबर (94 सीट) और 7 नवंबर (78 सीट) को मतदान करवाए जाने हैं। वोटों की गिनती 10 नवंबर को होगी।












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