जेडीयू का 'पोस्टर तीर', निशाने पर पीएम मोदी, नीतीश का गेमप्लान क्या है?
Bihar में सत्ता पर क़ाबिज़ जेडीयू ने नारों के ज़रिए अगले साल होने वाले लोकसभा चुनाव प्रचार का आग़ाज़ कर दिया है. जेडीयू कार्यालय में लगे पोस्टरों में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार सीधे केंद्र सरकार और पीएम नरेंद्र मोदी को चुनौ
बिहार में सत्ता पर क़ाबिज़ जेडीयू ने नारों के ज़रिए अगले साल होने वाले लोकसभा चुनाव प्रचार का आग़ाज़ कर दिया है. जेडीयू कार्यालय में लगे पोस्टरों में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार सीधे केंद्र सरकार और पीएम नरेंद्र मोदी को चुनौती दे रहे हैं.
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार लंबे समय से विपक्षी दलों की एकता बनाने की कोशिश में लगे हैं. उनकी यह कोशिश अभी तक बहुत सफल होती नहीं दिखी है.
नीतीश कुमार बीजेपी विरोधी दलों के ऐसे पहले नेता हैं जो पिछले साल अगस्त से साल 2024 के लोकसभा चुनावों के लिए विरोधी दलों को एक साथ आने की अपील कर रहे हैं.
अब नीतीश की पार्टी जनता दल यूनाइटेड एक और मामले में बाक़ी पार्टियों से आगे निकल गई है. उसने पोस्टरों के ज़रिए खुले तौर पर अगले लोकसभा चुनावों के लिए वादे और दावे के अलावा केंद्र सरकार को चुनौती दी है.
राजधानी पटना में जेडीयू कार्यालय में लगे कई बड़े-बड़े बैनरों और पोस्टरों के ज़रिए सीधा नरेंद्र मोदी और उनकी सरकार पर निशाना साधा गया है.
मोदी सरकार पर निशाना
पार्टी कार्यालय में लगे जेडीयू के बैनर पर लिखा है, 'मन की नहीं, काम की'.
ज़ाहिर है इसके ज़रिए प्रधानमंत्री मोदी के 'मन की बात' कार्यक्रम की तरफ़ इशारा किया गया है.
यही नहीं, 'जुमला नहीं, हक़ीक़त' जैसे नारों के ज़रिए केंद्र सरकार पर हमला किया गया है.
जेडीयू कार्यालय के बाहर लगे कुछ बैनर और पोस्टर के ज़रिए पार्टी के कार्यकर्ता एक और संदेश देने की कोशिश कर रहे हैं.
इनमें नीतीश कुमार के लिए बिहार के 'यशस्वी मुख्यमंत्री' के संबोधन का इस्तेमाल किया गया है. इस तरह के संबोधन आमतौर पर बीजेपी के नेता और कार्यकर्ता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए करते हैं.
ऐसे पोस्टर इसी महीने एक मार्च को नीतीश कुमार के जन्मदिन के मौक़े पर लगाए गए थे.
यानी जेडीयू कार्यकर्ता इशारों में ही नीतीश कुमार को संबोधित करते हुए नरेंद्र मोदी को चुनौती दे रहे हैं.
इस पोस्टर पॉलिटिक्स के ज़रिए दावा किया जा रहा है, 'प्रदेश में दिखा, अब देश में दिखेगा'. यानी यह नारा भी भविष्य में नीतीश कुमार को केंद्र की राजनीति में दिखाने की कोशिश कर रहा है.
वरिष्ठ पत्रकार कन्हैया भेलारी कहते हैं, "नीतीश ने लोकसभा चुनाव प्रचार की शुरुआत कर दी है इसमें कोई संदेह नहीं है. नीतीश ने पिछले साल एनडीए छोड़ते ही साल 2024 के लोकसभा चुनावों का बिगुल फूंक दिया था. यह भी साफ़ है कि उनके निशाने पर बीजेपी नहीं बल्कि नरेंद्र मोदी हैं."
नीतीश कुमार ने पिछले साल अगस्त महीने में बीजेपी को छोड़ आरजेडी के साथ गठबंधन किया था. उसके बाद से बिहार में 'महागठबंधन' की सरकार चल रही है.
ये भी पढ़ें:- नीतीश कुमार ने कैसे 17 साल से सत्ता को साधे रखा है
नीतीश ने पार्टी को टूटने से बचाया
पिछले साल महागठबंधन बनाने के बाद जेडीयू की एक बैठक हुई थी, उस समय भी जेडीयू की तरफ़ से ऐसे ही कई नारों वाले पोस्टर और बैनर लगवाए गए थे, जिसमें सीधा केंद्र की मोदी सरकार पर निशाना साधा गया था.
वरिष्ठ पत्रकार नचिकेता नारायण कहते हैं, "ऐसे कई नारों का इस्तेमाल जेडीयू ने पहले भी किया था. दअससल नीतीश कुमार अपने कार्यकर्ताओं और समर्थकों को भी बताना चाहते थे कि उन्होंने बड़ी लड़ाई के लिए आरजेडी से गठबंधन किया है. इस तरह से वो अपनी पार्टी को भी टूटने से बचा ले गए."
नचिकेता नारायण के मुताबिक़, ''नारों के ज़रिए नीतीश कुमार अपने कार्यकर्ताओं में जोश भरना चाहते हैं कि उनका नेता और आगे बढ़ने की कोशिश में है, उसने तेजस्वी यादव को बिहार नहीं सौंपा है बल्कि वो ख़ुद के लिए रास्ता देख रहा है.''
वहीं नीतीश कुमार की नज़र केवल बिहार की 40 लोकसभा सीटों पर ही नहीं है, वो उत्तर प्रदेश और झारखंड को लेकर भी तैयारी में लगे हुए हैं.
हाल ही में जेडीयू के अध्यक्ष ललन सिंह ने लखनऊ का दौरा भी किया था और समाजवादी पार्टी से बातचीत का ज़िक्र भी किया था.
ये भी पढ़ें:- तमिलनाडु में बिहार के मज़दूरों पर हुए 'हमले' का सच क्या है
यूपी और झारखंड पर भी नज़र
उत्तर प्रदेश में लोकसभा की 80, बिहार में 40 और झारखंड में 14 सीटें हैं. फ़िलहाल इन 134 सीटों में से 92 सीटें बीजेपी के पास हैं. कन्हैया भेलारी के मुताबिक़, नीतीश कुमार का इरादा बीजेपी को तीनों राज्यों में 50 सीटों पर समेटने का लगता है.
उनका कहना है, "अगर नीतीश ऐसा कर पाए और बीजेपी अगले लोकसभा चुनाव में बहुमत से 25 सीट कम पर रुक गई तो नीतीश ख़ुद बीजेपी को समर्थन दे सकते हैं, शर्त बस यही होगी कि नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री नहीं होंगे."
नीतीश कुमार ने इसी जनवरी और फ़रवरी के महीने में बिहार राज्य का दौरा भी किया था. उनकी इस यात्रा को 'समाधान यात्रा' का नाम दिया गया था. इस यात्रा के दौरान कई जगहों पर 'देश का पीएम कैसा हो, नीतीश कुमार जैसा हो' जैसे नारे भी लगाए गए थे.
दूसरी तरफ़ हाल के समय में नीतीश कुमार अक्सर केंद्र की अटल बिहारी वाजपेयी सरकार में मंत्री के तौर पर अपने कार्यकाल को याद करते भी दिखते हैं. नीतीश कुमार उस सरकार में साल 2001 से 2004 के बीच रेल मंत्री भी रहे थे.
नचिकेता नारायण कहते हैं, "नीतीश ने सोमवार को भी विधानसभा में वाजपेयी सरकार के दौरान अपने एक काम का ज़िक्र किया. वो आजकल केंद्र सरकार में अपनी पुरानी भूमिका ख़ूब याद करते हैं, जो केंद्र में उनकी दिलचस्पी दिखाता है."
जेडीयू पार्टी दफ़्तर पर लगे ऐसे बैनर और पोस्टर से सीधा मोदी सरकार को टारगेट किया गया है. मोदी से दूरी से मतलब है कि जेडीयू ने फ़िलहाल महागठबंधन में टूट की संभावना पर भी विराम लगा दिया है.
ये भी पढ़ें:-
- बिहार: अमित शाह की 'हुंकार' और नीतीश- तेजस्वी के महागठबंधन की रैली से निकले संकेत
- बिहार: अमित शाह ने नीतीश पर साधा निशाना, लालू बोले- 2024 में बीजेपी की विदाई तय
- नीतीश ने क्यों कहा 2024 में 100 सीटों पर सिमट जाएगी बीजेपी
(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)
-
Balen Shah: कौन हैं बालेन शाह, 35 की उम्र में बनने वाले हैं नेपाल के नए PM! क्या है धर्म? पत्नी क्या करती है? -
IPS LOVE STORY: प्यार के आगे टूटी जाति की दीवार! किसान का बेटा बनेगा SP अंशिका वर्मा का दूल्हा -
66 की उम्र में प्रेग्नेंट हुईं ये फेमस एक्ट्रेस? लोगों ने पूछा- कौन है बच्चे का बाप? फिर वायरल फोटो का ऐसा सच -
UPSC Result: कौन हैं राजा मोहिद्दीन, UPSC टॉप-10 में इकलौते मुस्लिम की कहानी, 53 मुसलमान कैंडिडेट्स भी सफल -
क्या कंगना रनौत ने चुपचाप कर ली सगाई? कौन है BJP सांसद का मंगेतर? इंटरनेट पर क्यों मचा हंगामा? जानें सच -
तो इसलिए बदले जा रहे CM, गवर्नर–सीमांचल से नया केंद्रशासित प्रदेश? नया राज्य या UT बनाने के लिए क्या है नियम? -
PM Kisan Yojana: मार्च की इस तारीख को आएगी पीएम किसान की 22वीं किस्त! क्या है लेटेस्ट अपडेट? -
Kal Ka Match Kon Jeeta 5 March: कल का मैच कौन जीता- भारत vs इंग्लैंड -
Gold Silver Rate Today: चांदी 26,000 सस्ती, 10 ग्राम सोना 7000 लुढ़का, खरीदारी से पहले देख लें लेटेस्ट रेट -
Trump Policy: ईरान के बाद अब इस 'पड़ोसी' देश पर अटैक करेगा अमेरिका! व्हाइट हाउस से ट्रंप ने दिया खतरनाक संकेत -
Balen Shah Rap Song: वो गाना जिसने बालेन शाह को पहुंचा दिया PM की कुर्सी तक! आखिर क्या था उस संगीत में? -
IAS Success Story: परचून के दुकानदार की बेटी IPS से बनी IAS, UPSC में 9वीं रैंक- Astha Jain की कहानी












Click it and Unblock the Notifications