Lok Sabha Chunav: बिहार में इंडिया ब्लॉक को बैकडोर से मदद करेगी AIMIM! किस गेम की तैयारी में हैं ओवैसी?

Bihar Lok Sabha Chunav 2024: बिहार में दो चरणों के लोकसभा चुनाव हो चुके हैं। तीसरे चरण में 7 मई को मतदान है, जिसका प्रचार अभियान अब आखिरी दौर में है। इस बीच हैदराबाद के सांसद असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी एआईएमआईएम ने तय किया है कि वह अंतिम चार चरणों के चुनाव में भी 9 उम्मीदवार उतारेगी।

यह पहली बार होगा जब ओवैसी की पार्टी बिहार के सीमांचल इलाके से आगे निकलकर मिथिलांचल से लेकर मगध तक के इलाके में चुनाव लड़ने जा रही है। लेकिन, चुनाव लड़ने से ज्यादा दिलचस्प चीज एआईएमआईएम की ओर से उम्मीदवारों को लेकर कही गई बात है।

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बिहार के लिए हटकर सोच रहे हैं ओवैसी
असदुद्दीन ओवैसी की राजनीति पूरी तरह से मुसलमानों के हितों से जुड़ी रही है। एआईएमआईएम की पूरे देश में पहचान भी यही है कि वह सिर्फ मुस्लिम हितों की बातें ही करती है। लेकिन, बिहार में जिन 9 सीटों पर वह पहली बार चुनाव लड़ने के मूड में है, वहां के लिए वह अपने मूल विचारों से हटकर सोच रही है।

पहले दो चरण में सिर्फ किशनगंज में चुनाव लड़ रही है एआईएमआईएम
पहले दो चरणों में ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन सिर्फ किशनगंज सीट से चुनाव मैदान में है, जहां से इसके प्रदेश अध्यक्ष अख्तरुल इमाम उम्मीदवार हैं।

ईटी की एक रिपोर्ट के मुताबिक उन्होंने कहा है, 'हमने सिर्फ किशनगंज में उम्मीदवार दिया और विपक्षी इंडिया ब्लॉक के रेस्पॉन्स का इंतजार किया। लेकिन, आरजेडी नेता लालू प्रसाद ने किशनगंज के वोटरों के लिए एक वीडियो संदेश जारी कर एआईएमआईएम की जगह कांग्रेस को वोट देने की अपील की।'

ओवैसी की पार्टी ने इंडिया ब्लॉक से मांगा समर्थन
वे बोले, 'अब हमने 9 और सीटों पर चुनाव लड़ने का फैसला किया है। हम अब यहां वोट बांटने के लिए आए हैं, लेकिन अगर इंडिया ब्लॉक बीजेपी के खिलाफ गंभीर है, तो उन्हें हमारे प्रत्याशियों का समर्थन करना चाहिए।'

बिहार की इन 9 सीटों पर भी लड़ेगी एआईएमआईएम
अंतिम चार चरणों की जिन सीटों पर ओवैसी की पार्टी ने चुनाव लड़ना तय किया है, उनमें शिवहर, गोपालगंज, मोतिहारी, काराकाट, वाल्मीकि नगर, महाराजगंज,मधुबनी, पाटलिपुत्र और जहानाबाद सीट शामिल हैं।

शिवहर सीट से राणा रंजीत सिंह को दिया मौका
पार्टी ने अभी सिर्फ शिवहर सीट से उम्मीदवार की घोषणा की है। इस सीट से उसने राणा रंजीत सिंह को मौका दिया है, जो प्रशांत किशोर की जन सुराज से एआईएमआईएम में आए हैं।

उनके मुताबिक, 'जो कहते हैं कि एआईएमआईएम मुसलमानों की पार्टी है, उन्हें ओवैसी साहब ने एक हिंदू के बेटे को टिकट देकर दिखा दिया है। एआईएमआईएम हिंदुओं, मुसलमानों, सिखों, ईसाइयों, दलितों और आदिवासियों की पार्टी है।'

बिहार में इंडिया ब्लॉक को बैकडोर से मदद करेगी एआईएमआईएम!
लेकिन, एआईएमआईएम के प्रदेश अध्यक्ष ने अपनी नई पार्टी के अगले उम्मीदवारों को लेकर जो कुछ कहा है, उससे इन सीटों पर एआईएमआईएम की वजह से इंडिया ब्लॉक से ज्यादा एनडीए की चुनौती बढ़ सकती है।

क्योंकि, इमाम ने कहा है कि उनकी पार्टी भूमिहार, राजपूत और आर्थिक रूप से पिछड़े उम्मीदवारों को बाकी बची सीटों से उतारेगी। इसने शिवहर से राजपूत उम्मीदवार को मौका देकर अपना अगला गेम प्लान जाहिर कर दिया है।

क्योंकि, एआईएमआईएम के सवर्ण उम्मीदवार मुसलमान मतदाताओं का वोट ले सकेंगे, इसकी संभावना नहीं के बराबर है। लेकिन, अगर उन्होंने अपनी जातियों के वोट में से भी थोड़ी सेंध लगाई तो इंडिया ब्लॉक से ज्यादा एनडीए की परेशानी बढ़ सकती है।

2020 के विधानसभा चुनाव में एआईएमआईएम के टिकट पर जीतने वाले सभी 5 एमएलए मुसलमान थे। उनमें से 4 ने कुछ ही समय बाद राजद की लालटेन पकड़ ली थी।

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