पत्रकार हत्याकांड: सीवान जेल से किलर को किए गए 36 कॉल, कौन दे रहा था निर्देश?
पटना (मुकुंद सिंह)। पत्रकार राजदेव रंजन हत्याकांड में पुलिस को कई अहम सुराग मिले हैं। जिससे यह साबित हो गया है कि राजदेव की हत्या का तार सीवान जेल यानी शहाबुद्दीन से जुड़ा हुआ है। हलाकि पुलिस मामले की जांच कर रही है। पुलिस के मुताबिक राज राजदेव की हत्या से पहले 35 कॉल जेल से किए गए थे वहीं हत्या के बाद एक और कॉल किया गया था। आपको बताते चलें की राजदेव हत्याकांड का तार सीवान जेल में बंद कुख्यात बाहुबली व पूर्व सांसद शहाबुद्दीन से जुड़ने के बाद पुलिस ने गुप्त रुप से जेल का औचक निरीक्षण करते हुए छापेमारी की। बिहार में है 'जंगल राज' क्योंकि बाहूबलियों की पत्नियों पर मेहरबान हैं नीतीश

पुलिस मोबाइल पर आए कॉल के टॉवर लोकेशन और कॉल डिटेल के आधार पर आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी भी कर रही है। मामले की जानकारी देते हुए एसपी सौरभ शाह ने बताया कि इस हत्याकांड में शक की सुई बाहुबल शहाबुद्दीन ओर घूम रही है वही जिस नंबर से सीवान जेल में कॉल किया गया था उसका टावर लोकेशन उत्तर-प्रदेश बता रहा है। जिससे यह अनुमान लगाया जा रहा है कि हत्या को अंजाम देने वाला शूटर घटना के बाद उत्तर प्रदेश में छुपा हुआ है। जिसके लिए सीवान पुलिस की एक टीम को तैयार कर उत्तर प्रदेश भेजा गया है। साथ ही पुलिस ने शहाबुद्दीन के एक खास शूटर जो फिलहाल गोरखपुर की जेल में बंद हैं उसे रिमांड पर लेकर पूछताछ करने की कोशिश की जा रही है।
फिर से दागदार हो रहा राजद का दामन
आपको बताते चलें की पत्रकार राजदेव हत्याकांड में चल रही जांच के बाद धीरे-धीरे शहाबुद्दीन का नाम सामने आने लगा है। पुलिस में शहाबुद्दीन से जेल में मुलाकात करने वाले उन 66 लोगों को गिरफ्तार किया है जो अपराधी प्रवृत्ति के साथ-साथ राजनीति में भी सक्रिय हैं। वही हिरासत में लिए गय 66 लोगों में अधिकांश लोग राजद से जुड़े हुए हैं। जिसमें पूर्व नगर पार्षद कृष्णा देवी भी शामिल है। वहीं पुलिस गिरफ्तार किए गए 66 लोगों से पूछताछ के जरिए यह जानने की कोशिश कर रही है कि आखिरकार कौन से कारण के लिए शहाबुद्दीन से मिलने सीवान जेल गए थे।












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