कोरोना मरीजों से मनमाना शुल्क नहीं वसूल सकेंगे बिहार के प्राइवेट हॉस्पिटल, सरकार ने लिया ये बड़ा फैसला
नई दिल्ली। बिहार में गुरुवार को 2451 नए कोरोना संक्रमित मरीज मिले। इसके साथ ही राज्य भर में कोविड-19 संक्रमितों की संख्या बढ़कर 1,15210 (एक लाख 15 हजार दो सौ दस) हो गई है। वहीं स्वास्थ्य विभाग के अनुसार राज्य में पटना सहित तीन जिलों में एक सौ से अधिक कोरोना संक्रमित मरीज मिले। पटना में सर्वाधिक 367 नए संक्रमितों की पहचान की गई। जबकि मधुबनी में 141, कटिहार में 102 और मुजफ्फरपुर में 174 नए संक्रमित मिले। इस बीच बिहार में कोरोना के इलाज के नाम पर निजी अस्पताल मनमानी राशि वसूल रहे हैं।

इसे लेकर बिहार सरकार ने सख्ती दिखाई है। बिहार सरकार की तरफ से निजी अस्पतालों में कोरोना मरीजों के इलाज की दर तय कर दी गई है। इसके लिए तीन अलग-अलग श्रेणियों में जिलों को बांटा गया है। अलग-अलग श्रेणी के लिए अलग-अलग रेट भी निर्धारित किया गया है। 'ए' कैटोगिरी में पटना को रखा गया है, जबकि 'बी' कैटोगिरी में भागलपुर, मुजफ्फरपुर, दरभंगा, गया और पूर्णिया को रखा गया है। इसी प्रकार 'सी' कैटोगिरी में बिहार के अन्य जिलों को रखा गया है। पटना के मरीजों से अधिकतम 18 हजार प्रतिदिन का शुल्क अस्पताल वसूल सकेंगे। इससे अधिक की वसूली पर अस्पतालों पर कार्रवाई होगी।
अगर वे अधिक शुल्क लेंगे और इसकी शिकायत मिलेगी तो जिला प्रशासन कार्रवाई कर सकता है। बी कैटोगिरी के अस्पतालों में अधिकतम 12 हजार प्रतिदिन शुल्क की वसूली अस्पताल कर सकते हैं। इसी प्रकार सी कैटोगिरी के अस्पतालों में अधिकतम 10,800 रूपये प्रतिदिन एक मरीज से शुल्क लिया जा सकता है। हालांकि इसके लिए शुल्क के हिसाब से मरीजों को सुविधाएं भी प्रदान करनी होंगी। जिन निजी अस्पतालों को कोरोना के इलाज के लिए चयनित किया गया है, उन्हें मरीजों को सुविधाएं भी प्रदान करनी होगी। अगर मरीज शिकातय करेगा तो अस्पतालों पर कार्रवाई भी हो सकती है।












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