क्या फिर पलटी मारेंगे CM नीतीश कुमार? नीति आयोग की बैठक से किया किनारा
Niti Aayog Meeting: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में शनिवार को नई दिल्ली में आयोजित हुई नीति आयोग गवर्निंग काउंसिल की 9वीं बैठक में बिहार के मुख्यमंत्री और एनडीए के प्रमुख सहयोगी दल के नेता नीतीश कुमार शामिल नहीं हुए हैं। हालांकि इस अहम बैठक में नीतीश कुमार की गैर मौजूदगी के कारण का पता नहीं पाया है, जिसके बाद एक बार फिर कयासों का बाजार गर्म हो गया है।
नीति आयोग की 9वीं गवर्निंग काउंसिल की बैठक में देश के विकास के मुद्दों पर चर्चा की गई। इस अहम बैठक से पहले कई विपक्षी दलों के मुख्यमंत्रियों ने बैठक का बहिष्कार करने की घोषणा की थी। इधर, बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी शामिल नहीं हुए। वहीं इस बैठक में बिहार का प्रतिनिधित्व उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और विजय कुमार सिन्हा ने किया।

ममता बनर्जी हुईं बैठक में शामिल
इस बैठक में देश के विभिन्न विकास मुद्दों और नीतिगत मामलों पर चर्चा की गई। जहां एक तरफ कई विपक्षी मुख्यमंत्रियों ने बैठक में हिस्सा नहीं लिया, वहीं पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, जो कि इंडिया ब्लॉक का हिस्सा हैं, वो बैठक में शामिल हुईं।
बैठक के बाद ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि उन्हें बोलने की अनुमति नहीं दी गई। उन्होंने केंद्रीय बजट को "राजनीतिक रूप से पक्षपाती" भी कहा।
जदयू ने बतायी ये वजह
वहीं बिहार से चार केंद्रीय मंत्री नीति आयोग के सदस्य हैं और वे सभी बैठक में मौजद रहे। इधर नीतीश कुमार की गैर मौजूदगी को लेकर जेडीयू महासचिव केसी त्यागी ने कहा कि, 'मुख्यमंत्री व्यक्तिगत कारणों से बैठक में शामिल नहीं हो सके। इसके पीछे कोई राजनीतिक कारण नहीं है। हम तो बजट और नीति आयोग की बैठक से उत्साहित हैं।
बता दें कि नीति आयोग, जो केंद्र सरकार का सर्वोच्च सार्वजनिक पब्लिक थिंक टैंक है, उसके प्रधानमंत्री अध्यक्ष हैं और सभी राज्यों के मुख्यमंत्री, कई केंद्र शासित प्रदेशों के उपराज्यपाल (एलजी) और कई केंद्रीय मंत्री इसके सदस्य हैं।
इन मुख्यमंत्रियों ने किया बैठक का बहिष्कार
नीति आयोग की बैठक का बहिष्कार करने वाले विपक्षी मुख्यमंत्रियों में तमिलनाडु के सीएम एमके स्टालिन, पुडुचेरी के मुख्यमंत्री एन रंगासामी, केरल के मुख्यमंत्री और सीपीआई (एम) नेता पिनाराई विजयन, पंजाब के सीएम भगवंत मान और तीनों कांग्रेसी मुख्यमंत्रियों- कर्नाटक के सिद्धारमैया, हिमाचल प्रदेश के सुखविंदर सिंह सुखू और तेलंगाना के रेवंत रेड्डी शामिल हैं।












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