शराब को सही बताने वाले जीतन राम मांझी ने पार्टी के लिए पैदा की मुसीबत
नई दिल्ली(विवेक शुक्ला) बिहार के मुख्यमंत्री जितेन राम मांझी मानते हैं कि रात के भोजन के बाद मदिरापान का सेवन करना कतई गलत नहीं है।

उनके शराब के सेवन पक्ष में दिए बयान के बाद लगता है कि जनता दल के सभी नेता गायब हो गए हैं। मांझी ने पिछले दिनों पटना के पास एक कार्यक्रम में शराब के पक्ष में अपनी बेबाक राय रखी।
शरद यादव से लेकर के.सी. त्यागी से मांझी के बयान पर टिप्पणी लेने की तमाम कोशिशें नाकाम ही रहीं। जनता दल यूनाइटेड के सूत्रों का कहना है कि माझी के बयान से पार्टी को नुकसान होगा।
पार्टी के आला नेता अब डैमेज कट्रोल में लग गए हैं। वे मांझी से कहलवाएंगे कि उनके शराब के सेवन संबंधी बयान को तोड़-मरोड़कर पेश किया गया।
जेपी आंदोलन के सिपाही मांझी
अपने को जेपी आंदोलन से निकला हुआ राजनीतिक कार्यकर्ता बताने वाले मांझी मानते हैं कि अगर इंसान रात को काम से घर वारस आने पर शराब पी भी लेता है तो इसमें बुराई क्या है।
महा दलितों को सलाह के अंदाज में बिहार के मुख्यमंत्री ने कहा कि अगर वे मदिरापान का सेवन बंद नहीं कर सकते तो इसे दवा के रूप में लें। पटना के वरिष्ठ पत्रकार कृपा शंकर ने कहा कि बिहार के मुख्यमंत्री का शराब के पक्ष में दिए बयान से साफ है कि बिहार के मुख्यमंत्री कितने हल्के शख्स हैं।












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