परीक्षा में नकल रोकने के लिए बिहार बोर्ड का आदेश, जूते-मोजे की जगह चप्पल पहनकर केंद्र पहुंचे छात्र
पटना। बिहार बोर्ड के एग्जाम आज से शुरू हो गए हैं। बिहार में नकल पर लगाम लगाने के लिए प्रशासन ने छात्रों को जूते की जगह चप्पल पहनकर आने का आदेश जारी कर दिया। गुरुवार को राज्य के 16 लाख से अधिक छात्रों ने गुरुवार को चप्पल पहनकर 10वीं बोर्ड की परीक्षा दी। बिहार स्कूल एग्जामिनेशन बोर्ड (BSEB) ने सूचित किया कि जूते और मोजे पहनने वाले छात्रों को परीक्षा केंद्रों में प्रवेश करने की अनुमति नहीं दी जाएगी।

राज्य भर के 1,418 केंद्रों पर कुल 16,60,609 छात्र परीक्षा के लिए उपस्थित हुए। बता दें कि बिहार बोर्ड की परीक्षाएं 28 फरवरी को समाप्त हो रही हैं। बिहार बोर्ड ने परीक्षा के दौरान इरेजर और ब्लेड लाने पर भी प्रतिबंध लगा दिया और छात्रों को समय से 10 मिनट पहले परीक्षा केंद्रों में प्रवेश करने को कहा है। अधिकारियों ने बताया कि ऐसा पहली है जब छात्रों को उत्तर पुस्तिकाओं पर मुद्रित रोल नंबर, नाम और अन्य विवरण मिलेगा।नकल पर लगाम रखने के लिए प्रशासन की ओर से और कई कदम उठाए गए हैं। जैसे की परीक्षा केंद्र के आसपास 200 मीटर के दायरे में पांच या उससे अधिक लोगों के इकट्ठा होने पर भी प्रतिबंध लगा दिए हैं।
इसके अलावा परीक्षा में नकल को रोकने को रोकने शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए सुरक्षा बलों की तैनाती भी की गई है। एक अधिकारी ने कहा कि परीक्षा केंद्रों में सीसीटीवी कैमरे लगाए हैं और वीडियोग्राफी और लाइव वेबकास्टिंग के आदेश भी दिए गए हैं। बता दें कि परीक्षा का आयोजन दो प्रथम पाली सुबह 9:30 से 12:45 बजे और दूसरी पाली पौने दो बजे से पांच बजे तक होगी। थम पाली में आठ लाख 42 हजार 888 और दूसरी पाली में आठ लाख 17 हजार 721 परीक्षार्थी शामिल होंगे।
यह भी पढ़ें- सुप्रीम कोर्ट ने 16 राज्यों के 10 लाख आदिवासियों को जंगल से हटाने के दिए आदेश












Click it and Unblock the Notifications