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सुप्रीम कोर्ट ने 16 राज्यों के 10 लाख आदिवासियों को जंगल से हटाने के दिए आदेश

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नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने देश के करीब 16 राज्यों के 10 लाख से अधिक आदिवासी परिवारों और जंगल में रहने वाले अन्य लोगों को जंगल की जमीन से बेदखल करने का आदेश दिया है। अदालत का यह आदेश एक वन्यजीव समूह द्वारा दायर की गई याचिका के संबंध में आया है जिसमें वन अधिकार अधिनियम की वैधता पर सवाल उठाया गया था। इस याचिका में यूपीए के पहले कार्यकाल के दौरान पास किए गए वन संरक्षण अधिनियम (2006) को चुनौती दी गई है। इसमें सरकार ने पारम्परिक वनवासियों को उनके गाँव की सीमाओं के भीतर वनों तक पहुँचने, प्रबंधन और शासन करने का अधिकार दिया था।

Supreme Court

यह आदेश राजनीतिक रूप से विवादास्पद है और इससे पहले 14 फरवरी को, कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने आरोप लगाया था कि भाजपा सुप्रीम कोर्ट में मूक दर्शक बनी हुई है, जहां वन अधिकार कानून को चुनौती दी जा रही है। वह लाखों आदिवासियों और गरीब किसानों को जंगलों से बाहर निकालने के अपने इरादे का संकेत दे रही है। कांग्रेस हमारे वंचित भाई-बहनों के साथ खड़ी है और इस अन्याय के खिलाफ पूरे दम से लड़ाई लड़ेगी।

याचिकाकर्ता ने यह भी मांग की थी कि वे सभी जिनके पारंपरिक वनभूमि पर दावे कानून के तहत खारिज हो जाते हैं, उन्हें राज्य सरकारों द्वारा निष्कासित कर दिया जाना चाहिए। इस कानून के बचाव के लिए केंद्र सरकार ने जस्टिस अरुण मिश्रा, जस्टिस नवीन सिन्हा और जस्टिस इंदिरा की पीठ के समक्ष 13 फरवरी को अपने वकीलों को ही नहीं भेजा। इसी वजह से पीठ ने राज्यों को आदेश दे दिया कि वे 27 जुलाई तक उन सभी आदिवासियों को बेदखल कर दें जिनके दावे खारिज हो गए हैं।

अदालत ने कहा, राज्य सरकारें यह सुनिश्चित करेंगी कि जहां दावे खारिज करने के आदेश पारित कर दिए गए हैं, वहां सुनवाई की अगली तारीख को या उससे पहले निष्कासन शुरू कर दिया जाएगा। अगर उनका निष्कासन शुरू नहीं होता है तो अदालत उस मामले को गंभीरता से लेगी। मामले की अगली सुनवाई की तारीख 27 जुलाई है। इस तारीख तक राज्य सरकारों को अदालत के आदेश से आदिवासियों को उनकी जमीन से बेदखल करने का काम शुरू कर देना होगा।

राज्यों द्वारा दायर हलफनामों के अनुसार, वन अधिकार अधिनियम के तहत अब तक अनुसूचित जनजाति और अन्य पारंपरिक वनवासियों द्वारा किए गए 11,72,931 भूमि स्वामित्व के दावों को विभिन्न आधारों पर खारिज कर दिया गया है। तीन राज्य - मध्य प्रदेश, कर्नाटक और ओडिशा - भूमि के स्वामित्व के कुल दावों का 20% हिस्सा हैं जिन्हें अस्वीकार कर दिया गया है। वहीं जिन राज्यों ने अदालत को अभी तक ऐसी जानकारी उपलब्ध नहीं कराई है उन्हें उपलब्ध कराने को कहा गया है। उनके द्वारा जानकारी उपलब्ध कराए जाने के बाद यह संख्या बढ़ भी सकती है।

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English summary
Supreme Court Rules Eviction of Over 10 Lakh Tribal Families Across 16 States
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