शत्रु का फूटा दर्द: जेटली हार कर बने मंत्री और मैं जीतकर भी नहीं
पटना| एक बार फिर से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के दिग्गज सांसद और अभिनेता शत्रुघ्न सिन्हा ने अपनी पार्टी के खिलाफ सुर बिखेरे हैं लेकिन इस बार उनके सुरों का कारण वो उपेक्षा है जो उनका पार्टी के आलाकमान ने उनकी ओर दिखायी है।
बुधवार को मीडिया से मुखातिब हुए शॉटगन एकदम से फूट पड़े उन्होंने कहा कि मेरी पार्टी के कुछ स्थानीय नेताओं के कारण ही मुझे चुनाव में प्रचार से दूर रखा गया है। अगर सच बोलने की कीमत चुकानी पड़ेगी तो कोई डर नहीं।
'सच बोलने की कीमत अदा कर रहा हूं मैं'
पटना में मतदान करने के बाद सिन्हा ने कहा कि पार्टी के स्टार प्रचारक होने के बावजूद मुझे प्रचार से दूर रखा गया। आज अपने राष्ट्रीय कर्तव्य का निर्वाह यानी मतदान करने पटना आया हूं। कई स्थानीय नेताओं की नजर में मैं खटकता हूं।
'स्थानीय नेताओं की नजर में मैं खटकता हूं'
बॉलीवुड अभिनेता और राजनेता सिन्हा यहां भी नहीं रूके और बोले कि हमारे यहां कुछ लोगों को तो ऐसा मंत्री बनाया गया जैसे रेवड़ियां बंट रहीं हों।
'जेटली हार कर बने मंत्री और मैं जीतकर भी नहीं'
उन्होंने खुले तौर पर कहा कि अरूण जेटली का नाम लेते हुए कहा कि उनकी वजह से नवजोत सिंह सिद्धू को सीट छोड़ने पर मजबूर किया गया और वो बुरी तरह से अमृतसर में हार भी गये लेकिन हार के बावजूद उन्हें तीन तीन मंत्रालयों का मंत्री बनाया गया, रक्षा मंत्री, वित्त मंत्री, सूचना प्रसारण मंत्री बनाया गया जबकि मैं तो जीतकर आया था,अब बताइये मेरा क्या कसूर था?













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