बिहार चुनाव में कांग्रेस का बड़ा कदम, रेप केस में आरोपियों के टिकट रोके
हाथरस मामले का असर अब बिहार विधानसभा चुनावों पर भी पड़ता हुआ नजर आ रहा है।
नई दिल्ली। हाथरस में 19 साल की दलित युवती के साथ हुई दरिंदगी की घटना को लेकर देशभर में सियासत गर्माई हुई है। वहीं इस मामले का असर अब बिहार विधानसभा चुनावों पर भी पड़ता हुआ नजर आ रहा है। दरअसल कांग्रेस के कुछ नेताओं ने शीर्ष नेतृत्व से कहा है है कि बिहार चुनाव में दागी नेताओं को टिकट ना दिए जाएं। इस बात को ध्यान में रखते हुए कांग्रेस ने फिलहाल उम्मीदवारों के ऐलान का काम कुछ समय के लिए टाल दिया है। गौरतलब है कि बिहार में पहले चरण के मतदान के तहत 28 अक्टूबर को वोट डाले जाएंगे और कांग्रेस ने अभी तक उम्मीदवारों की सूची जारी नहीं की है।

इन सीटों पर टाला गया टिकटों का ऐलान
सूत्रों का कहना है कि बिहार में कांग्रेस के कुछ संभावित उम्मीदवार ऐसे है, जिनके खिलाफ महिला उत्पीड़न के मामले हैं। इनमें से एक हैं, बृजेश पांडे, जिनके ऊपर रेप सहित कुछ अन्य आरोप भी हैं। बृजेश पांडे के नाम को लेकर कांग्रेस की वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री गिरिजा व्यास ने आपत्ति जताई है। इसके अलावा हरनौत, सुलतानगंज, हिसुआ और टेकारी विधानसभा सीटों पर भी फिलहाल टिकटों का ऐलान रोक दिया गया है, क्योंकि यहां भी संभावित उम्मीदवारों पर इसी तरह के कुछ आरोप हैं और कांग्रेस को मतदाताओं की नाराजगी का डर है।
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'बलात्कार जैसे अपराधों के आरोपी नेताओं को टिकट नहीं'
वहीं, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता तारिक अनवर और सुष्मिता देव ने भी शीर्ष नेतृत्व से कहा है कि पार्टी को बलात्कार जैसे अपराधों के आरोपी नेताओं को टिकट नहीं देने चाहिए। इन नेताओं ने मीडिया से भी बात करते हुए कहा है कि पार्टी केवल उन्हीं नेताओं को टिकट देगी, जो बेदाग छवि के हैं। गौरतलब है कि यूपी के हाथरस में दलित लड़की के साथ हुई दरिंदगी को लेकर कांग्रेस सांसद राहुल गांधी और पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी लगातार योगी सरकार पर हमला बोल रही हैं। ऐसे में कांग्रेस नेताओं का मानना है कि अगर बिहार चुनाव में दागी उम्मीदवारों को टिकट दिए गए तो पार्टी की छवि खराब होगी।

बिहार की 70 सीटों पर चुनाव लड़ रही है कांग्रेस
पार्टी के नेताओं का मानना है कि कांग्रेस को लंबे समय बाद ऐसा मुद्दा मिला है, जिसे लेकर भारतीय जनता पार्टी बैकफुट पर है। कांग्रेस नहीं चाहती कि अब भाजपा को उसके ऊपर पलटवार का कोई मौका दिया जाए। आपको बता दें कि बिहार में कांग्रेस का गठबंधन आरजेडी और लेफ्ट पार्टियों के साथ है। बिहार की 243 सीटों में से कांग्रेस 70 सीटों पर चुनाव लड़ रही है।












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