कांग्रेस नेता हरीश रावत बोले, 'जितिन प्रसाद का BJP में जाना हमारे मुंह पर बड़ा तमाचा', जानें किसने क्या कहा?
कांग्रेस नेता हरीश रावत बोले, 'जितिन प्रसाद का BJP में जाना हमारे मुंह पर बड़ा तमाचा', जानें किसने क्या कहा?
नई दिल्ली, 10 जून: कांग्रेस नेता जितिन प्रसाद बुधवार 09 जून को भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी ) में शामिल हो गए हैं। जितिन प्रसाद के बीजेपी में शामिल होने पर उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हरीश रावत ने कहा कि ये हमारे चेहरे पर एक बड़े तमाचे की तरह है। हरीश रावत ने हैरानी जताई की कैसे पूर्व केंद्रीय मंत्री जितिन प्रसाद ने कांग्रेस को "परिवार" और एक क्षेत्रीय पार्टी कहा है। समाचार एजेंसी एएनआई से बात करते हुए, कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता हरीश रावत ने कहा, "जितिन प्रसाद का भाजपा में शामिल होना हमारे चेहरे पर एक बड़े थप्पड़ की तरह है। यह दुखद और निराशाजनक है। मुझे आश्चर्य है कि उन्होंने कांग्रेस को एक क्षेत्रीय पार्टी कहा और उस पार्टी में शामिल हो गए जिसके खिलाफ उनके परिवार ने लड़ाई लड़ी। जिस पार्टी के लिए उनके (जितिन प्रसाद) पिता जी, कांग्रेस के सिपाही के तौर पर हमेशा खड़े रहे, उस पार्टी को छोड़कर बीजेपी में जाना, हैरानी वाली बात है।''

कपिल सिब्बल ने पूछा- यूपी चुनाव में जितिन को 'प्रसाद' मिलेगा या...?
बुधवार को बीजेपी पार्टी मुख्यालय में केंद्रीय रेल मंत्री पीयूष गोयल की मौजूदगी में जितिन प्रसाद भाजपा में शामिल हुए हैं। इस पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कपिल सिब्बल ने भी ट्वीट कर अपनी प्रतिक्रिया दी है। कपिल सिब्बल ने ट्वीट किया, 'जितिन प्रसाद बीजेपी में हुए शामिल। सवाल यह है कि क्या उन्हें भाजपा से "प्रसाद" मिलेगा या वे यूपी चुनाव के लिए सिर्फ एक 'पकड़' हैं? ऐसे सौदों में अगर 'विचारधारा' मायने नहीं रखती है तो बदलाव आसान है।''
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क्या राजनीति सिद्धांत रहित करियर हो सकती है-शशि थरूर
कांग्रेस नेता और सांसद शशि थरूर ने ट्वीट कर कहा, ''क्या राजनीति सिद्धांत रहित करियर हो सकती है? राजनीति विचारों के बारे में होनी चाहिए, या यह कुछ भी नहीं है। क्या एक दृढ़ विश्वास वाला व्यक्ति राजनीतिक दलों को बदल सकता है जिस तरह से एक क्रिकेटर आईपीएल टीमों को बदलता है?''
जितिन प्रसाद के भाजपा में शामिल होने के मुद्दे पर अपनी राय रखने के लिए शशि थरूर ने एक कॉलम लिखा है। जो एक अंग्रेजी वेबसाइट में पब्लिश हुई है। शशि थरूर ने लिखा है, ''जितिन प्रसाद का भाजपा में शामिल होने का निर्णय, उनके "बड़े भाई" ज्योतिरादित्य सिंधिया द्वारा ऐसा ही करने के एक साल बाद किया गया, जो गहरा निराशाजनक है। मैं यह बिना किसी व्यक्तिगत कड़वाहट के कह रहा हूं। दोनों दोस्त थे, दोनों मेरे घर गए हैं और मैं उनके घर गया। मैंने जितिन की शादी में भी गया था। तो यह व्यक्तियों के बारे में नहीं है, या व्यक्तिगत पसंद और नापसंद के बारे में नहीं है। उन्होंने जो किया है उसमें मेरी निराशा कहीं अधिक बड़ी बात पर आधारित है। सिंधिया और जितिन प्रसाद दोनों ही भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के खिलाफ सबसे मुखर आवाजों में से एक थे और भारत के लिए इसकी सांप्रदायिक कट्टरता के खतरों को उन्होंने आवाद दी। आज, वे दोनों खुशी-खुशी उस पार्टी के रंग खेल रहे हैं, जिसकी वे किसी और से अधिक बार निंदा करते थे।''

BJP में शामिल होने के बाद जितिन प्रसाद ने क्या कहा?
बीजेपी में शामिल होते हुए जितिन प्रसाद ने कहा था, ''कांग्रेस से मेरा तीन पीढ़ी का नाता है, इसलिए मैंने काफी सोच-विचार के बाद यह अहम फैसला लिया है। पिछले 8-10 सालों में मैंने महसूस किया है कि अगर कोई एक पार्टी वह वास्तव में राष्ट्रीय है तो यह भाजपा है। अन्य दल क्षेत्रीय हैं लेकिन यह राष्ट्रीय पार्टी नहीं है।"
जितिन प्रसाद ने कहा, "मैंने महसूस किया कि किसी पार्टी में रहने की क्या प्रासंगिकता है यदि आप अपने लोगों के हितों की रक्षा नहीं कर सकते हैं या उनके लिए काम नहीं कर सकते हैं। मुझे लगा कि मैं कांग्रेस में ऐसा करने में असमर्थ था। मैं कांग्रेस में उन लोगों को धन्यवाद देता हूं जिन्होंने मुझे इतने वर्षों तक आशीर्वाद दिया लेकिन अब मैं एक समर्पित भाजपा कार्यकर्ता के रूप में काम करूंगा।"












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