मतदान से पहले तेलंगाना सरकार को झटका, चुनाव आयोग ने 'रायतु बंधु योजना' पर लगाई रोक
Rythu Bandhu Scheme: मतदान से पहले तेलंगाना सरकार को बड़ा झटका लगा है। आज चुनाव आयोग ने राज्य सरकार की 'रायतु बंधु योजना' पर रोक लगा दी है। अपने आदेश में चुनाव आयोग ने कहा कि 'जब तक राज्य में चुनाव आचार संहिता लागू रहेगी तब तक योजना के तहत किसी भी तरह की वित्तीय मदद नहीं दी जाएगी।'

आपको बता दें कि इस योजना के तहत सरकार ने किसानों को नकदी रूप में मदद करने का ऐलान किया था और इसके पहले आयोग ने इसकी इजाजत सरकार को दी भी थी लेकिन अब उसने अपनी ही अनुमति को रद्द कर दिया है। मालूम हो कि आयोग ने सरकार को जब इजाजत दी थी तब उसने कहा था कि राज्य सरकार योजना का प्रचार नहीं करेगी केवल किसानों की मदद करेगी लेकिन राज्य के वित्त मंत्री ने शर्त का उल्लंघन किया इसलिए चुनाव आयोग ने अपना फैसला वापस ले लिया।
कांग्रेस समेत अन्य दलों ने विरोध किया इसलिए...
मालूम हो कि केसीआर सरकार ने चुनाव आयोग से रायतु बंधु योजना के तहत राज्य के किसानों के बैंक खातों में 24 नवंबर से पैसा वितरित करने की परमिशन मांगी थी, जिस पर कांग्रेस समेत अन्य दलों ने विरोध किया और वो आयोग के पास इसकी शिकायत भी लेकर गए थे। पार्टियों का विरोध और उसके बाद केसीआर के मंत्री का शर्त ना मानने के कारण ही अब आयोग ने अपने ही फैसले पर रोक लगा दी है। गौरतलब है कि 30 नवंबर को तेलंगाना में मतदान होना है।
क्या है 'रायथु बंधु' योजना?
आपको बता दें कि 'रायथु बंधु' योजना तेलंगाना सरकार की बड़ी योजनाओं में से एक है, जिसका सिर्फ एक मकसद है किसानों की आर्थिक मदद करना। सीएम के. चंद्रशेखर राव ने वर्ष 2018-19 में इस स्कीम की शुरुआत की थी। इसके तहत राज्य सरकार किसानों के बैंक अकाउंट में सीधे रुपये ट्रांसफर करती है, पहले इस योजना के तहत सरकार किसानों को 8 हजार रुपये सलाना की आर्थिक मदद करती थी, बाद में इसकी राशि बढ़ाकर 10, 000 कर दिया गया।












Click it and Unblock the Notifications