पहले से रची गयी थी पठानकोट हमले की साजिश
पठानकोट। पंजाब के पठानकोट में लगातार चौथे दिन भी आतंकियों से मुठभेड़ जारी है। एक के बाद एक छह आतंकियों को मुठभेड़ में ढेर कर दिया गया है। लेकिन जिस तरह से बड़ी मात्रा में गोला बारूद बरामद हुआ है उसने बड़े आतंकी हमले की साजिश का पर्दाफाश कर दिया है।

आतंकियों के पास से बड़ी मात्रा में गोला बारूद के अलावा, 30 किलोग्राम आरडीएक्स होने का दावा किया गया है। हालांकि अभी भी इस बात पर संशय बना हुआ है कि पठानकोट एयरबेस पर कितने आतंकियों ने हमला किया था।
पैदल इतना गोला-बारूद लेकर नहीं चल सकते
आईएएफ की मानें तो आतंकियों की संख्या छह के करीब है। लेकिन ऐसे में बड़ा सवाल यह है कि महज छह आतंकी इतनी बड़ी मात्रा में गोला बारूद अपने साथ कैसे लेकर पहुंच गये।
सवाल यह भी है कि छह आतंकी इतना ज्यादा गोला बारूद लेकर सीमा में कैसे घुसे, यही नहीं इन लोगों ने पठानकोट पहुंचने के बाद कार को लूटकर पठानकोट पहुंचे।
30 घंटे बाद शुरु किया आतंकी हमला
ऐसे में ये तथ्य इस बात की ओर इशारा करते हैं कि आतंकी 31 दिसंबर की रात को ही भारत में दाखिल हो गये थे और उन्होंने तीस घंटे के बाद अपना ऑपरेशन शुरु किया।
जिस तरह से भारी मात्रा में गोला बारूद आतंकियों के पास होने की पुष्टि हुई है उससे इस बात को बल मिलता है कि यह गोला बारूद पहले ही भारत लाया जा चुका था।
एनआईए की मानें तो जिन लोगों ने आतंकियों को देखा उनके पास ज्यादा हथियार नहीं थे। यह मुमकिन नहीं है कि इतनी बड़ी मात्रा में गोला बारूद लेकर शहर के भीतर पैदल चला जा सके। एनआईएक के अधिकारी के अनुसार आतंकी पहले से ही सीमा में घुस चुके थे।
सात दिन तक जारी रह सकती है मुठभेड़
आतंकियों के पास तकरीबन इतना गोला बारूद है कि वह एक हफ्ते तक इस ऑपरेशन को जारी रख सके। मुठभेड़ में सेना के जवान भी इसी कोशिश में हैं कि आतंकियों को ज्यादा से ज्यादा देर तक इसमें उलझायें जिससे की उनके पास के गोला बारूद में कमी आये।
जिस तरह से बड़ी संख्या में आतंकियों के पास बड़ी मात्रा में गोला बारूद और हथियार पाया गया है उससे तथ्य को भी बल मिलता है कि क्या ये हथियार आतंकियों के आने से पहले ही देश में आ गया था।
स्थानीय लोगों का भी हाथ होने का शक
मुमकिन है कि इन आतंकियों को स्थानीय लोगों की भी मदद मिली होगी। एनआईए के अधिकारी ने बताया कि हम स्थानीय लोगों की संलिप्तता की भी जांच कर रहे हैं। मुमकिन है कि स्मगलर्स ने इन आतंकियों को मदद पहुंचायी हो।












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