Gaganyaan: भारत के लिए बड़ा दिन, गगनयान को लेकर अहम परीक्षण, 2040 में फिर चांद पर कदम
गगनयान परीक्षण के लिए इसरो ने अपनी तैयारी पूरी कर ली है। अब ये महत्वपूर्ण टेस्ट अगले कुछ ही घंटों में शुरू होने वाला है। इसके तहत इसरो कुल 20 बड़े परीक्षण करने जा रहा है। इसरो ये परीक्षण एक अहम योजना के तहत कर रहा है, जिसको लेकर केंद्र सरकार द्वारा 9,000 करोड़ रुपये का प्रोत्साहन दिया है। दरअसल, 2035 तक भारत एक अंतरिक्ष स्टेशन स्थापित करना चाहता है।
भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन ने केंद्र की पीएमोदी सरकार के लक्ष्यों को पूरा करने के लिए 20 बड़े परीक्षणों की योजना बनाई है। इसके तहत पहला टेस्ट शनिवार (21 अक्टूबर) को श्रीहरिकोटा में शुरू होगा। जिसके तहत इसरो गगनयान मिशन के लिए मानव रहित उड़ान परीक्षण शुरू करेगा। इसके लिए इसरो ने तैयारी पूरी कर ली है। अंतरिक्ष यान का परीक्षण शनिवार सुबह यानी 21 अक्टूबर को सुबह साढ़े सात से आठ बजे शुरू होगा, जब गगनयान मिशन के दौरान एलवीएम-3 रॉकेट से क्रू मॉड्यूल में भेजा जाएगा।

डीडी न्यूज चैनल पर सीधा प्रसारण
टीवी-डी1 परीक्षण उड़ान प्रक्षेपण का डीडी न्यूज चैनल पर सीधा प्रसारण किया जाएगा। इसके अलावा इसरो अपनी आधिकारिक वेबसाइट और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भी प्रक्षेपण का सीधा प्रसारण करेगा। परीक्षण के दौरान चालक बचाव प्रणाली, क्रू मॉड्यूल विशेषताएं और अधिक ऊंचाई पर गति नियंत्रण का परीक्षण किया जाएगा। इसके अलावा इस टेस्ट का उद्देश्य चालक दल की सुरक्षा को भी परखना है।
2040 के लिए तैयारी
केंद्र सरकार गगनयान लॉन्च करने पहले इसरो के इसके स्ट्रक्चर पर फोकस करने के लिए प्रोत्साहित कर रही है। जिसके तहत केंद्र 9,000 करोड़ रुपये दे रही है। ये धनराशि 2035 तक एक अंतरिक्ष स्टेशन स्थापित करने के लिए है। जिसके उद्देश्य 2040 तक चंद्रमा पर एक अंतरिक्ष यात्री भेजना है।
परीक्षण का ये है पूरा प्लान
इसरो का ये परीक्षण मानवरहित विमान मिशन के लिए नए आयाम स्थापित करेगा ,जो कि भारतीय अंतरिक्ष यात्रियों के साथ पहले गगनयान कार्यक्रम के लिए अहम होगा। वर्ष 2025 तक इस मिशन के विधिवत आगाज की उम्मीद की जा रही है। परीक्षण के दौरान पहले फ्लाइट टेस्ट व्हीकल एबॉर्ट मिशन-1 (TV-D1) के तहत टेस्ट व्हीकल क्रू मॉड्यूल को अपने साथ ऊपर ले जाएगा।
इसके बाद 17 किलोमीटर की ऊंचाई पर किसी एक पॉइंट पर अबॉर्ट जैसी स्थिति बनाई जाएगी। इसके बाद क्रू एस्केप सिस्टम को रॉकेट से इजेक्ट किया जाएगा। इस स्टेप पर ये जांच की जाएगी कि क्या क्रू एस्केप सिस्टम ठीक काम कर रहा है। इस दौरान पैराशूट की मदद से ये सिस्टम श्रीहरिकोटा तट से करीब 10 किलोमीटर दूर बंगाल की खाड़ी में टचडाउन करेगा। जिसे भारतीय नेवी का जहाज और डाइविंग टीम बाहर निकालेगी।
कहां देख सकते हैं लाइव
इस मिशन का सीधा प्रसारण सुबह 7:30 बजे से इसरो की वेबसाइट https://www.isro.gov.in/ पर किया जाएगा। इसके अलावा आप इसरो के फेसबुक पेज https://facebook.com/ISRO, यूट्यूब लिंक https://youtube.com/watch?v=BMig6ZpqrIs पर जाकर इसका लाइव टेलीकास्ट देख सकते हैं। इसके साथ ही डीडी नेशनल टीवी चैनल पर भी इस परीक्षण उड़ान का सीधा प्रसारण होगा।












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