छात्राओं पर लाठीचार्ज के बाद BHU के वीसी ने अब दिया ये बयान
वाराणसी। उत्तर प्रदेश के वाराणसी स्थित प्रतिष्ठित काशी हिन्दू विश्वविद्यालय (BHU ) में छात्रों के शांतिपूर्वक प्रदर्शन के बाद पुलिस के लाठी चार्ज से उपजी हिंसा के बाद राजनीति तेज हो गई है। तमाम दल जहां विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं वहीं एकक ऐसा धड़ा भी है जो लाठी चार्ज के समर्थन में है। इन सबके बीच BHU के वाइस चांसलर गिरीश चंद्र त्रिपाठी को दिल्ली तलब कर लिया गया है।

लंबी छुट्टी पर जा सकते हैं वीसी
संभावना है कि उन्हें लंबी छुट्टी पर भेजा जा सकता है। पूरे मसले पर एक अंग्रेजी अखबार से बात करते हुए वाइस चांसलर त्रिपाठी ने कहा कि गुरुवार को जो घटना हुई वो दुर्भाग्यपूर्ण है। मैं इसके लिए बहुत ही दुखी हूं। ये मुद्दा बनाया गया है। मेरा मानना है कि यह पूरी घटना बाहरियों ने बनाई। इस घटना ने जो रूप लिया वो दुखद है।

राजनीतिक लाभ के लिए कर रहे हैं इस्तेमाल
वीसी ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि पीड़ित लोगों के साथ सहानुभूति रखने वालों को राजनीतिक लाभों के लिए इस्तेमाल कर रहे हैं। पीड़ित ने हमसे बात की और वह उन उपायों से संतुष्ट थी जिनसे हम उसकी शिकायतों को दूर क रहे थे। वास्तव में, वह उसके साथ हुई घटना के चारों ओर पैदा हुई राजनीति से नाखुश थी। मैं अपना सर्वश्रेष्ठ काम कर रहा हूं, विश्वविद्यालय परिसर में महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अपनी पूरी कोशिश कर रहा हूं। हम स्ट्रीट लाइट्स की व्यवस्था कर रहे हैं और अधिक गार्ड की तैनाती कर रहे हैं।
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हर लड़की की मांग सुनेंगे तो!
उन्होंने कहा कि अगर हम हर लड़की की हर मांग को सुनेंगे तो हम विश्वविद्यालय को चलाने में सक्षम नहीं होंगे। ये सभी नियम उनकी सुरक्षा के लिए हैं, सभी छात्राओं के पक्ष में हैं। अंग्रेजी अखबार इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार त्रिपाठी ने कहा कि यह कहना कि विश्वविद्यालय सुनता नहीं है यह आरोप गलत है। यह केवल कुछ छात्रों द्वारा फैलाई गई बात है।

समिति का किया गठन, होगी जांच
त्रिपाठी ने कहा कि परिसर में 10,000 लड़कियां हैं लेकिन केवल मुट्ठी भर ही ऐसी शिकायतें हैं। हम छात्रों के लिए अपनी पूरी कोशिश कर रहे हैं हमने हाईकोर्ट के जज की अध्यक्षता वाली एक समिति का गठन किया है जिसमें घटना की जांच होनी है।












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