भोपाल एनकाउंटर- चश्मदीद का दावा उसने कैदियों के पास नहीं देखा हथियार

भोपाल एनकाउंटर के एक चश्मदीद का दावा उसने इन कैदियों के पास किसी भी तरह का हथियार नहीं देखा

भोपाल। सिमी आतंकियों के एनकाउंटर की हकीकत की एक के बाद एक पर्ते खुलती जा रही हैं। अंग्रेजी अखबार ने इस एनकाउंटर के एक चश्मदीद के हवाले से लिखा है कि इन लोगों ने कैदियों के पास कोई हथियार नहीं देखा।

bhopal encounter

भोपाल एनकाउंटर का वीडियो वायरल, अधिकारी बोला- 'सब निपटा दो'

नरेश पाल का कहना है कि वह सोमवार की सुबह 7 बजे जब अपने घर से निकला तो उसने आठ लोगों को खेत की ओर से नदी की ओर जाते देखा। नरेश पाल क चांदपुर के गांव का रहने वाला है, उसे लगा कि यह आठों लोग नदी की ओर जा रहे थे शायद मछुआरे हों।

भोपाल जेल से कैसे फरार हुए आतंकी और पुलिस से क्यों नहीं बच पाए?

कैदियों ने नहीं दिया राम-राम का जवाब
नरेश पाल ने बताया कि जब मैं खेत में पानी देने गया तो मैंने तीन लोगों के नदी के पास देखा, इन लोगों ने अपने पैंट और जूते उतारे थे, उनके हाथ में बैग था लेकिन किसी तरह का हथियार मैंने उनके पास नहीं देखा। उसने बताया मैंने बाकी पांच लोगों को नहीं देखा शायद वह नदी में थे। मैंने उन लोगों से हाथ उठाकर जय श्री राम कहा पर उन लोगों ने कोई जवाब नहीं दिया।


टीवी देखने पर पता चला कैदी हैं

पाल ने बताया कि जब मैं 8 बजे घर आया तो टीवी में देखा कि 8 कैदी भागे हैं। मुझे इस बात का शक हुआ, मेरा फोन काम नहीं कर रहा था तो मैंने एक किसान से उसका फोन मांगा, उसने 100 नंबर डायल किया। फोन पर पुलिसवाले ने पूछा कि क्या वह कपड़े बदल रहे थे। उसने मुझसे एथेड़ी आने को कहा लेकिन मैंने मना कर दिया।

हमें पहाड़ी पर जाने की इजाजत नहीं दी गई

इसके बाद नरेश और दूसरे किसान ग्यान सिंह ने इसकी जानकारी बाकी गांव वालों को दी। सरपंच मोहन सिंह को भी इसकी जानकारी दी गई। जिसके बाद एक बार फिर से फोन किया गया, जिसके बाद एटीएस के 10 लोग आए। नरेश ने बताया कि हमनें उन्हें पहाड़ी पर चढ़ते देखा था, मैंने कुछ दूरी तक उनका पीछा किया लेकिन फिर मुझे रोक दिया गया, हमें आगे जाने की इजाजत नहीं थी।

कुछ मिनटों में पुलिस ने पूरे गांव को घेर लिया

कुछ ही मिनटों में पुलिस ने पूरे गांव को चारों तरफ से घेर लिया था, नरेश ने बताया कि मैंने गोली चलने की आवाज सुनी, लेकिन मैं यह नहीं कह सकता कि दोनों तरफ से फायरिंग हो रही थी या नहीं। मैं उन लोगों के शव तक नहीं देख पाया था, पुलिस वालों ने हमें इसकी इजाजत नहीं दी।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+