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Bhavantar Bhugtan Yojana: भावांतर योजना में अब तक 61,970 रजिस्ट्रेशन, किसानों को मिलेगा क्या लाभ?

Bhavantar Bhugtan Yojana: मध्य प्रदेश में सोयाबीन उत्पादक किसानों के हित में भावांतर भुगतान योजना (Bhavantar Bhugtan Yojana) लागू की गई है। किसान बड़ी संख्या में आगे आकर अपना पंजीयन करा रहे हैं। अभी तक प्रदेश भर में 61 हजार 970 किसानों ने पोर्टल पर पंजीयन कराया है। योजना को लागू करने के लिए जिला स्तर पर प्रशासनिक अमले को जिम्मेदारी सौंपी गई है।

इस बार सोयाबीन का न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) 5328 रुपये प्रति क्विंटल तय किया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रदेश सरकार किसानों को उनके उत्पादन का सही मूल्य दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है। जिस तरह धान और गेहूं उत्पादक किसानों को लाभ दिया गया है, उसी तरह सोयाबीन उत्पादकों को भी उचित कीमत दिलवाई जाएगी। सीएम ने सभी कलेक्टरों को निर्देश दिए हैं कि किसानों को सीधा लाभ सुनिश्चित कराया जाए।

Bhavantar Bhugtan Yojana

भावांतर योजना क्या है?

भावांतर योजना किसानों के हित में चलाई जाने वाली एक सरकारी योजना है। इसका मुख्य उद्देश्य किसानों को उनकी फसलों का उचित मूल्य दिलाना है। अक्सर ऐसा होता है कि किसान अपनी उपज को न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) से कम दाम पर बेचने के लिए मजबूर हो जाते हैं। इस समस्या को दूर करने के लिए यह योजना शुरू की गई।
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अगर किसान अपनी उपज बाज़ार में बेचते समय MSP से कम दाम पाता है, तो सरकार उस अंतर (MSP और वास्तविक बिक्री मूल्य के बीच का अंतर) की भरपाई नकद राशि के रूप में करती है। सबसे पहले इस योजना की शुरुआत मध्य प्रदेश सरकार ने की थी।

क्या है भावांतर योजना के लिए पंजीयन की प्रक्रिया?

भावांतर योजना के लिए ई-उपार्जन पोर्टल पर पंजीयन का कार्य 3 अक्टूबर से 17 अक्टूबर 2025 तक चलेगा। योजना की अवधि 24 अक्टूबर 2025 से 15 जनवरी 2026 तक रहेगी।

पंजीकृत किसानों और उनके रकबे का सत्यापन राजस्व विभाग द्वारा किया जाएगा। भावांतर की राशि सीधे किसानों के बैंक खातों में हस्तांतरित की जाएगी।

अभी तक भावांतर योजना के लिए कितने किसानों ने कराया पंजीयन

राज्यभर में अब तक कुल 61,970 किसानों ने पंजीकरण कराया है। इनमें सबसे अधिक किसान इंदौर, शाजापुर और उज्जैन जिलों से हैं।

जिलेवार पंजीयन स्थिति

  • इंदौर - 12,207
  • शाजापुर - 11,731
  • उज्जैन - 8,221
  • राजगढ़ - 5,468
  • आगर मालवा - 3,540
  • देवास - 2,894
  • सीहोर - 2,331
  • विदिशा - 2,207
  • बड़वानी - 1,543
  • हरदा - 1,318
  • रतलाम - 1,241
  • खरगोन - 1,207
  • मंदसौर - 999
  • दमोह - 992
  • धार - 899
  • रायसेन - 801
  • सागर - 799
  • बैतूल - 748
  • नीमच - 461
  • गुना - 421
  • खंडवा - 368
  • नरसिंहपुर - 319
  • अशोक नगर - 269
  • झाबुआ - 215
  • छिंदवाड़ा - 199
  • नर्मदापुरम - 132
  • भोपाल - 102
  • बुरहानपुर - 75
  • शिवपुरी - 49
  • उमरिया - 44
  • अनूपपुर - 41
  • छतरपुर - 27
  • ग्वालियर - 22
  • श्योपुर - 20
  • बालाघाट - 17
  • अलीराजपुर - 16

अन्य जिलों में भी पंजीयन कार्य जारी है।
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